देवास जिले के श्रद्धा नगर बागली में बन्द नहीं होगा सट्टा-जुआ का बे-लगाम अवैध धंधा ? (सटोरियों को मिल गया सहयोगियों का मजबूत कंधा) चापड़ा मे भी सटोरियों की सक्रियता के चर्चे

देवास/बागली।जिले मे समाजसेवा,सहयोग और सद्भावना के सुन्दर ,प्राकृतिक रुप से समृद्ध बागली मे अवैध कारोबार की खेती सहयोग और सुरक्षा पाकर सफलताओं का कीर्तिमान बना रही है । सट्टा-जुआ और अवैध शराब कारोबारियों ने कथित पुलिस सांठगांठ से अपने धंधे का विस्तार कर लिया है । अखबार मे सट्टा-जुआ व्यपार से जुड़े समाचारों पर सटोरियों की प्रतिक्रिया यह है कि नगर मे इस तरह कारोबार चलाने की बड़ी कीमत देनी पडती है । बागली मे अवैध कारोबारियों की सक्रियता और सफलताओं को देखकर यही कहा जा सकता है कि साहब का भरपूर सहयोग है ।
बागली क्षेत्र में 5 स्थानों पर खुलेआम सट्टे का यह कारोबार चल रहा है। बताया जा रहा है कि बागली में दो ग्रुप अलग-अलग हफ्ता,महिना और बड़ी दक्षिणा देकर इसे संचालित कर रहे हैं । सटोरियों की यह हालत है कि सट्टा लगाने के लिए 10 से 12 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र से बागली आकर सट्टा लगा रहे हैं । वैसे मोबाइल पर यह कारोबार होता है लेकिन नगद राशि लेने देने के लिए सट्टा अड्डों पर आना जरूरी है । इस संबंध में मोटी रकम भी बांटी जा रही है । दूसरी ओर कच्ची शराब बनाने वाले भी खुलेआम इधर से उधर परिवहन कर गंतव्य अड्डे पर शराब मोटरसाइकिल से और अन्य वाहनो से पहुंचा रहे हैं । यह सब कुछ जवाबदार और जिम्मेदारों की देखरेख में ही संचालित हो रहा है। इस कारोबार में जुड़े लोग तो पनप रहे हैं लेकिन सट्टा लगाने वाले निरंतर कर्जदार बनते हुए परिवार के अन्य सदस्यों की गाढ़ी कमाई इन खाय वालों के खाते में डाल रहे हैं ।
कुछ लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि काली का मंदिर परिसर , शिवाजी चौराहा,कोर्ट के आसपास और गांधी कॉलोनी में इनका प्रमुख संचालन होता है । दो व्यक्ति अनिल फिरोजिया इस धंधे में मुखिया है ।सबके अपने अपने सहयोगी चयनित स्थानों पर बैठे रहते हैं । दोपहर एवं शाम के समय जब सट्टे के अंक खुलते हैं तब घड़ी चौक ,कालका मंदिर और गांधी कॉलोनी में अच्छी चहल-पहल दिखाई देती है ।लेकिन यह चहल पहल जवाबदारों को अभी तक नहीं दिखाई दे रही है । वह तो सिर्फ अपने कमीशन की ओर ध्यान दे रहेहैं । कोई परिवार की संपति बैचकर सट्टा-जुआ मे दाव लगा रहा है तो कोई कर्ज लेकर कमाना चाहता है : बागली को सट्टा-जुआ कारोबार का केन्द्र बनाने वाले जिला पुलिस अधीक्षक और ग्रामीण उप पुलिस अधीक्षक सहित थानाप्रभारी की दृष्टि से दूर क्यों हैं यह चर्चा का विषय है ।
अब बागली के बेलगाम सट्टा-जुआ कारोबार पर लगाम कब लगेगी ? यह सवाल जवाब मांग रहा है और सटोरिये निश्चिंत होकर अपना कारोबार बढ़ा रहे हैं ।मुख्यमंत्री के अवैध कार्यो पर अंकुश लगाने के निर्देश बागली मे बेकार साबित हो रहे हैं वहीं जनता मे वर्दी की विश्वसनीयता कमजोर है रही है ।