बल्लू का परिवार पहले घर में बने शौचालय का उपयोग करता था प्रधानमंत्री आवास के बाद मजबूरी में जंगल जा रहा है रिपोर्टर*रिपोर्टर शैलेन्द्र कुरावरे


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश जिसमें घर घर में शौचालय निर्माण की बात कही जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों परिवारों को पक्की छत दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास के लिए 1 लाख50 हजार रु नगरीय क्षेत्र के लिए 2 लॉख 50 हजार रुपए शहरी क्षेत्र के लिए 3 लाख 50 हजार रुपए अनुग्रह राशि दी जाती है। सभी योजना में निर्माण के साथ शौचालय निर्माण अनिवार्य है पूर्ण राम लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच एवं सचिव की मिलीभगत से गरीब लोगों को पूरी पूरी राशि नहीं दी जाती । हितग्राहियों से प्रधानमंत्री आवास के नाम पर 20 से ₹25 हजार रुपए कमीशन के तौर पर पहले लिए जाते हैं । जो नहीं देते उनकी राशि बाद में उनकी बगैर सहमति के रोक ली जाती है और जॉब कार्ड के जरिए निकाल ली जाती है। ईमानदारी का ढोंग रचने वाली मध्य प्रदेश सरकार आंखें मूंदकर बैठी है। कारण स्पष्ट है ,सचिव के जरिए जनपद सीईओ को सी ई ओ के जरिए जिला पंचायत सीईओ को और जिला पंचायत सीईओ के जरिए सीधे मंत्रालय तक बड़ी राशि जाती है। बस यही कमजोरी भारत भाग्य विधाता नहीं बन पा रही है। देवास जिले के आदिवासी दलित बहुल्य गांव में सरपंच एवं सचिव की दादागिरी इतनी अधिक है कि वह हितग्राही से सीधी सीधी राशि काट लेते हैं। यह कहानी ग्राम पंचायत बेहरी के बल्लू( अनुसूचित जाति) की है 2019 में उसे प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिली इस दौरान नए मकान निर्माण में पुराना शौचालय सचिव द्वारा यह कह कर तुडवा दिया गया । कि मकान के साथ नया शौचालय बन जाएगा उसकी राशि ₹12000 आपको अतिरिक्त दी जाएगी बल्लू उनकी बातों में आ गया। वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास के तहत मकान तो बन गया। लेकिन शौचालय नहीं बन पाया इस दुविधा के चलते उनकी लड़कियों का रिश्ता नहीं हो पाया, बाहर से जो मेहमान आए शौचालय की कमी देखकर रिश्ता नकार गए। बल्लू का दुख यह है कि सूरज उगने से पहले उसे नित्य कर्म के लिए बाहर जाना पड़ता है। यह कार्य उसकी पत्नी और बच्चे भी करते हैं। ऐसी कहानी दर्जनभर लोगों की इस ग्राम पंचायत में है। यह पंचायत सचिव से शौचालय राशि का पूछते हैं तो वह जवाब देते हैं, कि प्रधानमंत्री आवास में शौचालय की राशि आना बंद हो गया है। अब बल्लू कहां जाए और मोदी जी का सपना कैसे पूरा हो।