देवास। नगर पालिक निगम चुनावों को लेकर जिला स्तर तक वार्ड प्रत्याशियों में उहापोह की स्थिति बन गई है। पूर्व पार्षद ठा. जैनेन्द्रसिंह पंवार ने बताया कि कई वार्डो में निर्दलीय प्रत्याशी अपना अपना भाग्य आजमायेंगे जिससे प्रमुख राजनैतिक दलों को नुकसान होगा। जहां से सामान्य वर्ग को टिकिट दिया जाना था वहां पर अन्य वर्ग को टिकिट दे दिया गया है। जहां पर वार्ड के स्थानीय प्र्रत्याशी को टिकिट दिया जाना था वहां बाहरी प्रत्याशी को टिकिट दे दिया गया है। नेताओं की मनमानी के कारण दोनों ही पार्टियों को नुकसान की संभावना आम मतदाता में सोच का विषय बन गई है। संभावना ऐसी भी जाहिर की जा रही है कि निर्दलीय प्रत्याशी जीत कर परिषद में अपनी दखलंदाजी जोर शोर से आजमा सकते हैं। हाल ही में सागर के तीन नवगठित नगर परिषद में कांगे्रस के प्रत्याशी ढूंढनेे से भी नहीं मिले। ये कांगेस नेताओं की मनमानी एवं अस्थायी सोच व दृष्टिकोण का परिचायक है। 45 वार्डो में से 24 भाजपा प्रत्याशी का निर्विरोध दर्शाता है कि कांगे्रस किन दुर्लभ परिस्थितियों से गुजर रही है। भाजपा की संगठनात्मक दृष्टि में पकड़ से अन्य राजनैतिक पार्टियां धराशायी की ओर अग्रसित है। नगर में भाजपा के प्रत्याशी के नामांकन की रैली में उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि भाजपा और कांगे्रस के प्रत्याशी नये होने के कारण काफी कांटे की टक्कर होगी। वार्डो में निर्दलीय प्रत्याशियों का बोलबाला रहेगा। फिर भी नगर परिषद बनाये जोन में कांग्रेस एवं भाजपा को काफी मशक्कत करना होगी। तो ही किसी पार्टी की परिषद बनेगी। यदि निर्दलीय प्रत्याशी सब मिलकर सभी वार्डो में एक प्रत्याशी बनाते हैं तो वार्ड के चुनाव भी काफी रोचक होंगे। क्योंकि वार्ड का चुनाव पार्टी लेवल का न होकर व्यक्तिगत होता है। आम मतदाता की पसंद नापसंद का अंदाजा लगाया जाना भ्ज्ञी एक विचारणीय प्रश्न है। गाईड लाईन को दोनों ही पार्टियों ने अपने अपने स्तर पर गुटबाजी को बढ़ावा देने के लिए नकार दिया है। जिसका खामियाजा पार्टी के प्रत्याशियों को नि:संदेह भुगतना है।

