इस बार फिर निर्दलीय प्रत्याशी का बज रहा है डंका, योग्य और युवा को चुनेगी जनता

देवास । महापौर प्रत्याशी चयन मे भाजपा और कांग्रेस द्वारा युवा,योग्य प्रत्याशियों की उपेक्षा कर पतियों के कारण दादी और नानी ,सरल, गृहणियों को टिकट देकर जनता की आशाओं पर पानी फेर दिया है ।देवास के मतदाताओं द्वारा दोनो पार्टियों की थोपी गई प्रत्याशियों के प्रति नाराजगी से एक बार फिर से भाजपा के बागी शरद पाचुनकर की निर्दलीय सहित थोपी गई बबली यादव के विरोध मे रेखा वर्मा की विजय जैसा वातावरण बन रहा है ।
देवास महापौर पद के लिए शहर मे हवा निर्दलीय महापौर प्रत्याशी मनीषा दीपक चौधरी के पक्ष मे लग रही है । पत्रकारों से चर्चा मे कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी ठीक से बोल भी नहीं पा रही हैं और रटाए गये जवाब दे रहीं हैं वहीं निर्दलीय महापौर प्रत्याशी मनीषा चौधरी पत्रकारों के हर सवाल का जवाब आत्मविश्वास के साथ देकर उनकी योग्यता प्रशंसा प्राप्त कर रही है । केदारेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े शिवभक्त प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी ,पूर्व पार्षद शिवा चौधरी की बहु,पार्षद दीपक चौधरी की शिक्षित,संस्कारी ,युवा और सक्रिय पत्नि मनीषा चौधरी महापौर पद के लिए जनता की पहली पसंद चर्चित हैं । मनीषा चौधरी ने चर्चा मे बताया कि देवास की प्रगति और विकास,स्वच्छता और सभी शासकीय योजनाओं का लाभ पात्रों को दिलाना मेरा संकल्प है,सेवा लक्ष्य है और लक्ष्य पर मेरी दृष्टि है । मानीषा चौधरी को देवास की जनता पर विश्वास है कि वह योग्यता की प्राथमिकता देकर अपने शहर के विकास मे सहयोगी बनेगी । मनीषा चौधरी मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि पत्रकारों का सकारात्मक सहयोग देवास को प्रगति का प्रतीक बनाने मे महत्वपूर्ण रहेगा । जनता का रुझान निर्दलीय शरद पाचुनकर को महापौर बनाने का इतिहास दोहराने का संकेत दे रहा है ।जनता कह रही है कि पत्नि को महापौर बनाकर पति,पार्टी और अन्य इस पद को संचालित करेंगे तब हमारे चयन का क्या फायदा?और वोट का क्या मतलब? देवास शिवा चौधरी परिवार से शक्तिरूपा मनीषा चौधरी ंअपने व्यवहार,संस्कार सुशिक्षा और सक्रियता से महापौर पद की प्रबल दावेदार नजर आ रही हैं । भाजपा कांग्रेस प्रत्याशियों का विरोध निर्दलीय मनीषा चौधरी का समर्थन बन रहा है । महापौर पद के लिए आम आदमी की पार्टी ने भी युवा और योग्य प्रत्याशी को मैदान मे उतारा है लेकिन वह देवासवासियों के लिए नया नाम है । अभी और देखना होगा कि प्रचार क्या रुप लेता है? फिर भी त्रिकोणीय मुकाबले मे मनीषा चौधरी आगे हैं ।