देवास। ठा. जैनेन्द्रसिंह पंवार ने बताया कि हाल ही में म.प्र. में नगर निगम चुनाव के परिणाम में 7 पर भाजपा 3 पर कांगे्र्रस एवं उल्लेखनीय सफलता 1 पर आम आदमी पार्टी ने हासिल की। जैसा कि पूर्व में जो अनुमान का निर्धारण किया गया था वह सही साबित हुआ। परिणाम को लेकर भाजपा में उत्साह का वातारण बना हुआ है। मोबाईल पर एक दूसरे को बधाई का तांंता लगा हुआ है। हर कोई केे मन में एक जिज्ञासा है कि नगर एवं अन्यत्र स्थानों का चुनावी परिणाम क्या होगा। यहां पर हमारी पार्टी जीतना चाहिये, हरेक के मन में धुगधुगी का माहौल बना हुआ है। सब वार्ड प्रत्याशीगण एवं महापौर प्रत्याशी अपनी जीत और हार की संभावनाओं को टटोलने लगे। किसी का भी मोबाईल बंद नहीं हो रहा है। भाजपा के परिणाम कांग्रेेस पार्टी एवं अन्य पार्टियों में अंदेशा बनाए हुए हैं। सबसे बड़ी सफलता कांग्रेस को ग्वालियर में मिली है। जहां पर 58 वर्ष बाद कांग्रेस का महापौर विजय हुआ महल का तिलिस्म टूटा। इसी प्रकार छिंदवाड़ा में पहली बार कांग्रेस का महापौर विजय हुआ। दुख तो इस बात का है कि उज्जैन नगर निगम का कांगे्र्रस महापौर बहुत कम मतों से पराजित हुआ। कांगे्रस ने अपनी पकड़ मजबूत की है। आने वाले वर्ष में लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू होगी। दोनो प्रमुख पार्टी कांगे्रस एवं भाजपा को काफी मशक्कत करना होगी। क्योंकि आप पार्टी ने भी म.प्र. में इंट्री कर ली है जो कुछ जगह पर सफलता प्राप्त करेगी। कांगे्रस पार्टी को चाहिये कि जो रणनीतिकार अपने स्वार्थ सिद्धि के लिये कांगे्रस प्रमुख को गुमराह करते है या करने का प्रयास करते हैं। उनकी सलाह को नजर अंदाज किया जाना चाहिये सिर्फ जो मुद्दे की बात हो उसी पर अपना ध्यान रखें, जिससे गुटबाजी को हवा देने वाली ताकतें अपने आप सीमित हो जाएगी। नगर निगम चुनाव के बाद म.प्र. कांग्रेस पार्टी प्रमुख को जिला स्तर एवं नगर स्तर पर बड़े पैमाने पर संगठन में परिवर्तन करना होगा। ताकि गुटबाजी एवं संगठन को कमजोर करने वाली ताकतों पर लगाम लगाई जा सके। यदि एसा नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार बनाने से कोई नहीं रोक पाएगा। आप पार्टी की नजर म.प्र. पर पड़ गई है कांगे्रस एवं भाजपा में आंतरिक गुटबाजी का फायदा सीधे सीधे आप को मिल सकता है। अरविंद केजरीवाल ने अपने बलबूते पर पंजाब, नईदिल्ली में सफलता प्राप्त की है अब उनकी निगाह हरियाणा और अब म.प्र. पर आकर टिक गई है।

