
किशोर कुमार 4 अगस्त 1929 को खंडवा में जन्मे, उन्होंने संगीत प्रेमियों के लिए मधुर गीत और चुलबुले अंदाज वाले गीत प्रस्तुत करके कई लोगों के एकाकीपन को दूर करने में मदद की वही, रोमांटिक कपल को नजदीक लाने में उनके गीत बहुत सहायक साबित हुए ,अब भले ही व्हाट्सएप इंस्टाग्राम फेसबुक का जमाना है । लेकिन पूर्व के प्रेमी प्रेमिकाओं के लिए किशोर के गीत लव लेटर की पंक्तियां बनते रहे ,आज बागली की दो हस्तियों से बागली टाइम्स आपको रूबरू करा रहा है। अनिरुद्ध शर्मा एवं अशोक पाटीदार जिन्होंने बांसुरी से किशोर कुमार के नगमे को नया आयाम दिया है । बेहद कर्णप्रिय यह धुन सुनते ही आज की 40 वर्ष उम्र पार कर चुकी पीढ़ी और 70 के दशक में प्रवेश कर चुकी पीढ़ी रोमांचित होती है । हमें अच्छी तरह याद है बागली में पहले जब बेहतर सोहाद्र स्थापित था । उस वक्त किशोर के जन्म जयंती एवं उनके जन्मदिवस पर नगमे किशोर कार्यक्रम आयोजित होता था । जिसमें युवा फनकार असलम (भाई) किशोर दा नगमे सुनाकर सच्ची श्रद्धांजलि देते थे । लेकिन वह दौर अब नहीं रहा छल कपट की राजनीति कुल तौर पर हावी हो गई हमने प्रयास किया है । कुछ कलाकारों से चर्चा करके यह समाचार बनाने का आशा है। यह प्रस्तुति आपको बेहतर लगेगी।

