आदिवासी परिवार पर पुलिस ज्यादती के विरोध में समाज और संगठन का एसपी को दूसरा आवेदन (थाना प्रभारी पर फरियादी परिवार को पीटने का आरोप)

देवास /बागली (खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) बागली थाना प्रभारी शैलजा भदौरिया और चापड़ा चौकी पुलिस प्रभारी द्वारा फरियादी आदिवासी परिवार को थाने लाकर पीटने से आक्रोशित आदिवासी समाज, संगठन ने 6 जुलाई को बागली में धरना, प्रदर्शन कर पुलिस- प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

ग्रामीण एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा द्वारा कार्रवाई के आश्वासन पर शांत आदिवासी समाज ने 28 जुलाई को देवास एसपी कार्यालय आकर दूसरा ज्ञापन देकर बागली थाना और चापड़ा चौकी प्रभारी पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जयस बिरसा ब्रिगेड और आदिवासी समाज सहित पीड़ित परिवार भी शामिल था।
इनमें से जयराम ठाकुर ने बताया कि बागली थाना और चापड़ा चौकी प्रभारी ने पुलिस कर्मियों के सहयोग से एक फरियादी आदिवासी परिवार माता, पिता, बेटे और नाबालिग बेटी को थाने लाकर पीटा था। वर्दी, पद और अधिकारों का दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का निवेदन एसपी से किया गया है। कार्रवाई न होने पर अब बागली तहसील में लगातार धरना आंदोलन किया जाएगा और एसपी कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है बागली के सरपंच सचिव ने भी थाना प्रभारी द्वारा पक्षपात, अभद्र व्यवहार को लेकर प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से नारे लगाते हुए 3 दिन में कार्रवाई न करने पर सभी पंचायतों द्वारा संयुक्त रुप से आंदोलन की चेतावनी दी गई है। एसपी शिवदयाल सिंह इस संबंध में शीघ्र जांच और उचित कार्रवाई कर पुलिस के प्रति आक्रोश, अविश्वास को समाप्त करें। शिकायत और आंदोलन झूठे हो तो यह स्पष्ट किया जाए। सूत्रों के अनुसार दोषियों द्वारा अपनी गलती और मनमानी पर पर्दा डालने के लिए गलत प्रचार भी कराया जा रहा है और अनुचित दबाव बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है।