जब रिमझिम मौसम में गूंजे किशोर कुमार रफी साब के सदाबहार नगमे..जिंदगी हसने गाने के लिए है..,ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे,जाने क्या बात है, तुझे बुलाए,गुनगुना रहे है भौंरे, जैसे मधुर नगमों और उनकी गायकी ने वहा उपस्थित श्रोताओं को खड़े होकर तालियां बजाने पे मजबूर कर दिया ।
संस्था प्रमुख सुनील मालवीय ने बताया की केकेसी की पांचवी वर्षगांठ पर एवम मित्रता दिवस के अवसर पर संस्था सदस्यों ने एक से बढ़कर एक सुरीली प्रस्तुति दी,कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना दीप्ति निगम एवम अजय सोलंकी गुरूजी द्वारा की गई तत्पश्चात हरफनमौला स्व. किशोर कुमार को संस्था के सदस्यों द्वारा एक मेडली गाकर श्रद्धांजलि दी गई।उसके बाद एक से बढ़कर एक गीत दोस्ती एवम किशोर दा के नगमे गाए जिसे सुनकर श्रोता अपने आप को झूमने से नहीं रोक पाए।कार्यक्रम में रफी साहब को भी उनके सुरीले नगमों जैसे मस्त बहारो का में आशिक,आज पुरानी राहों से , के माध्यम से स्वरांजली दी गई।कार्यक्रम में देवास और इंदौर से आए कई सुरीले गायकों अजय अर्थ,वरिष्ठ पत्रकार मोहन वर्मा,प्रविणराज सेहगल,प्रकाश शर्मा,अनिल जैन, शक्ति सिंह ठाकुर,मुकेश मालवीय,गौरव मालवीय,संदीप मालवीय,गिरीश जाधव,अंकित सोनगरा,धर्मेंद्र रेनीवाल,नवीन पुरोहित,सुरेंद्र पांडे,साधना श्रीवास्तव,पूजा साहू, डॉ.शेफालीक कार्णिक,शिल्पी अग्निहोत्री,शिवानी मालवीय, ने शानदार प्रस्तुतियों से माहौल को खुशनुमा बना दिया। कराओके क्लब ऐसे कलाकारों जिनमे प्रतिभा हो परंतु जिनके मन में गाने की झिझक हो ,और मंच पर आने में दिक्कत होती है ,एवम् नए प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच देने के उद्देश्य से , हर माह इस तरह के आयोजन करता है।कार्यक्रम में विशेष रूप से ,पत्रकार शकील कादरी जी भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का आनंद इंदौर एवम् देवास के 50 श्रोताओं ने लिया एवम् कार्यक्रम की सराहना की ।कार्यक्रम का संचालन मोहन वर्मा जी ने किया एवम आभार दीप्ति निगम जी ने माना।
भवदीय

