बेहरी – विगत कई वर्षों से ग्राम पंचायत बेहरी में निवासरत दलित परिवार यहां के पूर्व सरपंच मनोहर सोलंकी के परिवार की गुंडागर्दी से परेशान है। उक्त व्यक्ति द्वारा पीड़ित पक्ष परिवार की कृषि भूमि पर कई वर्षों से अवैध कब्जा कर रखा था। जिसकी लंबी कानूनी लड़ाई पीड़ित पक्ष परिवार द्वारा लड़ी गई। कानूनी लड़ाई के बाद वृद्ध महिला को कमिश्नरी अदालती न्यायलय द्वारा उक्त जमीन भू माफियाओं के कब्जे से मुक्त करवाकर कृषि करने की अनुमति प्रदान की राजस्व विभाग अमला भी मौके पर पहुंचा और जमीन की नपती कर पीड़ित पक्ष के स्कूल की लेकिन भू माफिया गिरोह से जुड़े पूर्व सरपंच के परिवार उक्त परिवार को खेत पर नहीं आने दे रहे आज तो हद हो गई पीड़ित पक्ष की भर्ती महिला के साथ एकमत होकर गंभीर मारपीट कर दी वृद्ध महिला सीताबाई का पुत्र इस संबंध में कई बार बागली थाने पर थाना प्रभारी दीपक यादव से मीला लेकिन राजनीतिक जनप्रतिनिधियों के दबाव के चलते थाना प्रभारी ने कोई कार्रवाई नहीं की इसीलिए संबंधित आरोपियों का हौसला बुलंद हो गया गौरतलब है कि बागली के कई भू माफिया पूर्व सरपंच परिवार के साथ जुड़े हुए हैं और इनकी दादागिरी आज भी क्षेत्र में चल रही है लेकिन पुलिस मिलीभगत के चलते कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही। पीड़ित परिवार के साथ इतनी मारपीट होने के साथ-साथ दादागिरी करते हुए जमीन पर कृषि कार्य नहीं करने की रिपोर्ट लिखना बहुत दूर रहा लेकिन भू माफियाओं के बाहुबल पर इस झगड़े में दोनों पक्ष की रिपोर्ट जल्दी से लिख ली यह सब पुलिस प्रशासन की कमजोरी का नतीजा है कि दलित परिवारों पर इस प्रकार की जोर जबरदस्ती बाहुबली लोगों द्वारा कई दिनों से की जा रही है। इस संबंध में पीड़ित परिवार के पास कोई रास्ता नहीं है जबकि नियम अनुसार शासन द्वारा लंबी लड़ाई के बाद उनके पक्ष में जमीन पर कृषि कार्य करने का फैसला दिया इस पर बागली पुलिस मोन रही लेकिन अब मौका मिला तो पीड़ित पक्ष को गंभीर धाराओं में उलझा रही है।

