नर्मदा परिक्रमा वासियों की देवास जिले में एवं कुछ समय के लिए खंडवा जिले में कठिन यात्रा का दौर अभी भी रहता है हालांकि 52 किलोमीटर के परिक्रमा मार्ग में विगत वर्ष पक्का सड़क निर्माण होने की खबरें जनप्रतिनिधि वाहवाही के साथ मीडिया ने चलाई थी। जिसकी टेंडर प्रक्रिया भी समाचारों में प्रकाशित की गई थी। लेकिन करोड़ों रुपए की परिक्रमा मार्ग वाली यह योजना ठंडे बस्ते में किस कारण चली गई यह सोचने का विषय है इस मार्ग में काट कूट से तरानिया नदी पुल पिपरी नदी पुल जयंती माता नदी पुल सहित अन्य स्थान पर एक और पुल मिलाकर 52 किलोमीटर का परिक्रमा सफर शामिल रहा है। किंतु यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई हाल ही में विगत 2 दिन पूर्व देवास जिले में महाराष्ट्र से आए 12 सदस्य दल के परिवार ने प्रवेश किया इस सदस्य दल के साथ 4 वर्षीय बालिका अपनी माता के साथ शामिल है । तीन अन्य परिजन भी इस यात्रा में शामिल है । रतनपुर जयंती माता के बीच इनकी यात्रा का फोटो और वीडियो प्राप्त हुआ है जानकारी में आया कि आमा खेड़ी संत समाज ने किस सदस्य दल का बुधवार को स्वागत अभिनंदन किया इनकी अगली यात्रा फतेहगढ़ नेमावर करौंद माफी होते हुए हरदा जिले में प्रवेश करेगी। खुशी की बात यह है कि सभी सदस्य इतनी लंबी यात्रा के बाद भी मां नर्मदा का नाम लेकर खुशी-खुशी यात्रा कर रहे हैं। पर हमारा दुर्भाग्य है कि हमारे जनप्रतिनिधि इस 52 किलोमीटर मार्ग को बना नहीं पाए।

