विश्वविद्यालय स्तर पर प्रतिभागी नगद राशि से पुरस्कृत
डॉ संजय गाडगे के संचालन में परिचर्चा संपन्न
देवास। खेलो इंडिया यूथ गेम्स के अंतर्गत श्री कृष्णाजीराव पवार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उच्च शिक्षा विभाग के दिशा निर्देश अनुसार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष मनीष पारीक, सांसद प्रतिनिधि नयन कानूनगो, अभिभाषक संघ के सदस्य लोकेंद्र शुक्ला, कार्यक्रम के संयोजक एवं समन्वयक क्रीड़ा अधिकारी संग्रामसिंह साठे, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रतन सिंह अनारे रहे। मनीष पारीक ने अपने उद्बोधन में कहा कि खिलाड़ियों को फिट रहने हेतु सतत मेहनत करना चाहिए और खेल भावना के साथ खेलना चाहिए। प्राचार्य अनारे ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को नियमित व्यायाम करने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व विश्वविद्यालय व राज्य स्तर पर करने वाले खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार राशि से पुरस्कृत किया गया साथ ही खेलो इंडिया यूथ गेम्स के अंतर्गत एथलेटिक्स तथा कबड्डी प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया। छात्र हर्षित गौर गर्वित मालवीय तथा छात्रा सलोनी को उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स द्वारा 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर परेड में प्रथम स्थान प्राप्त करने के उपलक्ष में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष एवं प्राचार्य द्वारा सम्मानित किया गया। महाविद्यालय के लिए यह बहुत ही गौरव का विषय है कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स में महाविद्यालय की एनसीसी, एनएसएस तथा स्पोर्ट्स के 6 विद्यार्थियों का चयन हुआ है तथा वे मध्यप्रदेश शासन द्वारा उज्जैन में आयोजित खेलो इंडिया गेम्स में जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कार्यक्रम में सैकड़ों विद्यार्थी तथा महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ बीएस जाधव, डॉ विद्या माहेश्वरी, डॉ आरके मराठा, डॉ एस पी एस राणा, डॉ विवेक अवस्थी, डॉ रश्मि ठाकुर, डॉ ममता झाला, डॉ भारती कियावत, डॉ जया गुरनानी, डॉ मनोज सोनगरा, डॉ मधुकर ठोमरे, डॉ मनोज मालवीय, डॉ सत्यम सोनी, डॉ सीमा सोनी, डॉ लता धूपकरिया, डॉ नुसरत सुल्ताना, डॉ ललिता गोरे तथा समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ संजय गाडगे ने किया तथा आभार प्रोफेसर राकेश कोटिया ने माना। जानकारी इको क्लब के प्रभारी प्रोफेसर जितेंद्र सिंह राजपूत ने दी।

