उत्तर प्रदेश में पुलिस कस्टडी में खूंखार अपराधी अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ की तीन युवकों ने हत्या कर दी। हत्या पुलिस के सामने हुई इसमें किसका हाथ है यह जांच का विषय है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी से सारे घटनाक्रम की जानकारी मांगी है और उन 17 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है जो अतीक-अशरफ की सुरक्षा में थे। तीन व्यक्ति मीडियाकर्मी बनकर आये व धुंआधार फायरिंग की जिससे मोके पर ही दोनो भाइयो की मौत हो गई वही 1 पुलिस कर्मी को भी गोली लगी जिसे अस्पताल भर्ती किया गया इस बीच खबर आ रही है कि राज्य सरकार ने पूरे उ.प्र. में हाई अलर्ट कर दिया है। एक जांच कमेटी भी बैठाई गई है जो पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर सरकार को देगा। होम सेकेट्री लेवल का एक अधिकारी भी प्रयागराज पहुंचाया जा रहा है। एक बड़ी बात यह भी है कि उत्तर प्रदेश के सीएम निवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। देर रात तक पुलिस को गश्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। वही प्रयागराज में धारा 144 लगा दी गई है व इंटरनेट सेवा भी बन्द कर दी गई है
आज ही अतीक के बेटे असद को दफनाया गया है। असद को दफनाते समय कुछ लोग शामिल हुए। गांव की तरफ से ही असद का अंतिम संस्कार किया गया। यह अतीक के कारण नहीं किया गया बल्कि गांव की परंपरा है कि यहां किसी का अपना कोई नहीं हो तो गांव के लोग ही शव को दफनाते हैं। अब देखना यह है कि अतीक व अशरफ को कहां दफनाया जाता है। वैसे इस परिवार के सभी सदस्यों को आसपास ही दफनाया जाता रहा है। असद को भी अपने पुरखों के समीप ही दफनाया गया है। राज्य सरकार को शंका है कि अतीक-अशरफ को दफनाएं जाने के दौरान माहौल गर्मा सकता है

