धारा जी घाट बनने का आनंद तब है जब वहां तक जाने का रास्ता सुलभ हो जाए


पिपरी – 2007 से 2022 तक देवास जिले के पवित्र तीर्थ स्थल धारा जी घाट पर 2005 की घटना को लेकर स्नान प्रतिबंधित था। इतने वर्षों तक प्रशासन द्वारा धारा 144 लगाकर इस स्थान पर स्नान पर्व प्रतिबंधित श्रेणी में रखा था। बड़ी मुश्किल से श्रद्धालुओं के आग्रह पर एन एच डी सी ने धारा जी में घाट बनाने की स्वीकृति और खर्च राशि स्वीकृति का रास्ता खोलते हुए कार्ड बनाने की अनुमति प्रदान की। सर्वविदित है की घाट में कितनी गुणवत्ता के साथ काम हुआ। लेकिन श्रद्धालु यहां पर बड़ी संख्या में स्नान पर्व अवसर पर स्नान करने आने लगे हैं हाल ही में गंगा दशहरा पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या 2,000 से अधिक रही। अधिकतर श्रद्धालुओं का कहना है कि पिपरी से धारा जी मार्ग के बीच पिपरी सहित 4 ग्राम पंचायत आती है इस हिसाब से भी यह मार्ग अब प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत फूल एवं पुलिया निर्माण सहित गुणवत्ता के साथ बनना चाहिए। ताकि श्रद्धालु साधारण दिनों में भी धारा जी घाट पर आसानी से पहुंच सके। बोल बम कावड़ यात्रा के संयोजक गिरधर गुप्ता बताते हैं कि एनएचडीसी द्वारा 8 फीट का सीमेंट कंक्रीट मार्ग जलजमाव खतरे की सुरक्षा दृष्टि से 15 वर्ष पूर्व बना दिया था किंतु यह मार्ग यातायात के लिए तथा बड़े वाहन के लिए उचित नहीं है। आमने सामने से वाहन आने की स्थिति में वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं दुर्घटना का अंदेशा भी बना रहता है। इसलिए जब स्नान के लिए इस घाट को खोल दिया है तो उचित मार्ग भी बन जाना चाहिए। जटाशंकर महंत बद्री दास जी महाराज राधा कृष्ण मंदिर के महंत अयोध्या दास महाराज और दही बड़ा महंत रामदास महाराज ने बताया कि किसी दिन साधु-संतों को इस मार्ग के निर्माण की मांग के लिए सामने आना पड़ेगा।