‘‘बालू रेती का अवैध परिवहन करने वाले आरोपी की जमानत निरस्त’’

जिला अभियोजन अधिकारी, श्री राजेन्द्र खांडेगर जिला देवास द्वारा बताया गया कि शिकायतकर्ता श्री गैबरियल एक्का सअनि के पद पर थाना खातेंगांव पर पदस्थ है। दिनांक 10.08.2020 को थाने से आर0 220गजेन्द्र, आर0869 पवन शर्मा, सैनिक 58 राजू उईके एवं 100 डायल गाडी के स्टाफ आर0 870 धर्मेन्द्र चावडा एवं पायलेट के अवैध रेती की धरपकड हेतु ग्राम मिर्जापुर पहुचा जहा पर जरिए मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि एक ट्रैक्टर ट्राली जिसमें अवैध बालू रेती भरी हुई है जो इमली घाट से निकलने वाला है। मुखबिर सूचना को थाना प्रभारी महोदय एवं हमराह फोर्स को अवगत कराकर रवाना होकर मिर्जापुर के बाहर इमली घाट की तरफ बडे की एक ट्रेक्टर ट्राली घाट से आती हुई दिखी जिसकी ट्राली का रंग नीला व सफेद रंग की त्रिपाल ढकी हुई थी जिसका पीछा किया तो ट्रैक्टर ड्रायवर को पुलिस के आने की भनक लगने से ट्रैक्टर ड्रायवर अपनी ट्राली को मय बालू रेती को छोड कर ट्रैक्टर लेकर भाग गया जिसका पीछा मय फोर्स के किया गया तो वह जंगल का फायदा उठा कर भाग गया बाद राहगीर पंचान अरमान पिता शरीफ खान उम्र 27 साल नि0 ग्राम अजनास व सादिक खां पिता इसुब खां जाति मेवाली उम्र 32 साल नि0 ग्राम अजनास के समक्ष ट्राली की त्रिपाल हटाकर के चेक किया तो उसमें बालू रेती भरी हुई मिली ट्राली के साईड में बनारसिया कृषि फार्म अम्बााडा तो0 कन्नौद जिला देवास लिखा हुआ है। उक्त ट्रैक्टर चालक अपनी ट्राली में अवैध रेत चोरी करना पाया जाने से ट्रैक्टर चालक का कृत्य धारा 379 भादवि, 247 म0प्र0 भू-राजस्व संहिता एवं 04/21 माइंस एंड मिनिरल्स (डेवलेपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1957 के तहत दंडनीय पाया जाने से उक्त पंचानो के समक्ष मुताबिक जप्ती पंचनामा के उक्त ट्राली को मय बालू रेती के जप्त की गई। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना खातेंगांव में अपराध क्रमांक 351/2020 धारा 379 भादवि, 247 म0प्र0 भू-राजस्व संहिता एवं 04/21 माइंस एंड मिनिरल्स (डेवलेपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1957 में पंजीबद्ध कर जांच के दौरान आरोपी शौकीन पिता शेरू शाह उम्र 30 साल निवासी अम्बाडा, थाना कन्नौद जिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

आरोपी द्वारा जमानत हेतु न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तह. खातेगांव के समक्ष जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया। जहां शासन की ओर से एडीपीओ श्री रमेश कारपेन्टर द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आरोपीगण की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन का विरोध कर जमानत आवेदन निरस्त कराते हुए आरोपी को जेल भिजवाया गया।