कन्नौद प्रतिनिधि| पिछले दिनों स्थानी य एसडीओपी श्री कुशवाहा उनके अंगरक्षक और चालक ने सतवास थाना क्षेत्र में अवैध रूप से ले जा रहे हैं रेत के टैक्टर को रोक कर अवैध रूप से रेत का परिवहन करने पर ट्रैक्टर के साथ मौजूद लोगों ने और एसडीओपी तथा उनके साथ एक जवान तथा चालक के साथ मारपीट की घटना प्रकाश में आई थी उसमें श्री कुशवाह द्वारा अवैध रूप से पैसे की मांग की बात मीडिया तक पहुंची थी इसी बात को लेकर मारपीट तक की गई इसकी शिकायत प्रदेश सरकार के पास तक पहुंचने पर तत्काल प्रभाव से एस डीओपी कुशवाहा का स्थानांतरण भोपाल कर दिया गया किंतु कुशवाहा अपनी स्थानांतरण रुकवाने के लिए क्षेत्रीय राजनेताओं से लेकर अर्थ बल के साथ लगे हुए हैं जबकि इससे पूर्व एसडीओपी श्री अलावा का स्थानांतरण किए जाने को लेकर श्री अलावा ने न्यायालय की शरण लेकर स्टे आर्डर लाए थे जिन्हें कन्नौद मैं एसडीओपी का चार्ज मिलना चाहिए था किंतु पुलिस क्या काम है और राजनीतिक दबाव में श्री अलावा को कन्नौद का चार्ज नहीं दिया अब क्योंकि भोपाल से ही वर्तमान एसडीओपी कुशवाहा भोपाल स्थानांतरण किया गया है तो इस पद पर श्री अलावा को चार्ज मिलना चाहिए लेकिन नियम विरुद्ध राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने ना तो एसडीओपी कुशवाहा को रिलीव किया और ना ही इस पोस्ट पर श्री अलावा को चार्ज लेने के निर्देश दिए इसकी नगर में चर्चा जोरों पर चल रही है बताया जा रहा है श्री कुशवाह कन्नौद एस डी ओ पी का पद हाथ से गवाना नहीं चाहते हैं इसके लिए क्षेत्रीय राजनेताओं की शरण में और अन्य स्रोतों से अपने स्थानांतरण रुकवाने की जुगाड़ में लगे हुए हैं देखना यह है पद पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नियम के अंतर्गत क्या कार्यवाही करते हैं।

