संविदा अधिकारियों ओर कर्मचारियों ने 10 सूत्रीयमांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सोपा ज्ञापन


देवास जिले के संविदा अधिकारीयो कर्मचारियो ने मंगलवार दिनांक 19.08.2025 को अपनी 10 सूत्रीय मांगे को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कार्यालय कलेक्टर जिला देवास में ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में यह बताया गया है। कि संविदा नीति 2023 के विभिन्न कंडिकाओं को अभी तक सरकार लागू नही कर पाई है। इसके अलावा कई ऐसे मुद्दे है जिसमें संविदा कर्मचारी ठगा सा महसूस कर रहे है। यही कारण है कि उन्होने अपनी प्रमुख मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा।

संविदा कर्मचारियों ने ज्ञापन में बताया कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के स्थान पर नियमित कर्मचारियो की भांति महंगाई भत्ता, इंक्रीमेंट एवं समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए, संविदा नीति में विसंगतिपूर्ण समकक्षता निर्धारण को नियम अनुसार समकक्षता निर्धारित करने का अनुरोध किया गया है, तथा अर्जित अवकाश एवं मेडिकल अवकाश का प्रावधान किया जाए तथा यह अवकाश वर्ष के अंत में व्यापगत न हो संविदा नीति में कंडिका क्रमांक 9.8 6.2 एवं 11.5 को विलोपित करने का अनुरोध किया गया है। संविदा कर्मचारियो की मांग है कि सीधी भर्ती में प्रस्तावित 50 प्रतिशत आरक्षण के साथ ही अनुभव के अंक जोड़ते हुए वरीयता का लाभ दिया जाए साथ ही साथ पात्रता परीक्षा में न्यूनतम कट ऑफ मार्क 33 निर्धारित किया जावे। यदि किसी कारण कोई योजना समाप्त की जाती है। तो उसके अंतर्गत् कार्यरत् संविदा कर्मचारियों को अन्य योजना में समकक्ष पद पर नियुक्ति देने का प्रावधान किया जावे । संविदा कर्मचारियो की मांग है कि उनके परिवार के सुरक्षा हेतु कम से कम 20 लाख रूपये का सामूहिक बीमा किया जाए। रिक्त होने पर संविदा

कर्मचारियो को भी शासकीय आवास आवंटित किए जाने के प्रावधान लागू किया जावे। संविदा कर्मचारियो के जिला संयोजक द्वारा बताया गया कि संविदा कर्मचारियो के द्वारा पूरे मध्यप्रदेश में चरणबद्ध तरीके से अपनी मांग रखी जा रही है। यदि समय सीमा में संविदा कर्मचारियो की मांग पूरी नही की जाती है। तो अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए संविदा कर्मचारी बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने वालो में संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के खुशबू शर्मा, शैलेष जोशी, संदीप सोनी, महेश पाटीदार, बलवंत सिंह, पिंकेश धाकड़, अरविंद पटेल, अजय राठौर, धर्मेन्द्र कौशल, आदी उपस्थित थें।