देवास(खुमानसिंह बैस) मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस को एक डकैत गैंग पकड़ने में सफलता मिली है। पुलिस गिरफ्त में आई इस गैंग से हथियार और तेरह मोटरसाइकिल सहित करीब छह लाख का सामान बरामद किया गया है।
इस गैंग ने देवास जिले में करीब डेढ़ दर्जन वारदातों को अंजाम देना कबूला है। यह 7 सदस्य गैंग उस समय पुलिस के हत्थे चढ़ी जब अवैध कारोबार के लिये कुख्यात उज्जैन रोड रेलवे ब्रिज के नीचे पटरी किनारे बैठकर यह लोग एक पेट्रोल पंप को लूटने की योजना बना रहे थे।
पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह ने पत्रकार वार्ता में इस मामले का खुलासा किया है।
उज्जैन रोड रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे पटरी किनारे 7 लोग बैठकर एक पेट्रोल पंप को लूटने की योजना बना रहे थे। शहर कोतवाली थाना प्रभारी उमराव सिंह को मुखबिर से सूचना मिली और तत्काल पुलिस टीम बनाकर चारों तरफ से घेराबंदी कर सभी को आसानी पकड़ लिया गया।
एसपी डॉ शिवदयालसिंह ने बताया गैंग लीडर लखन के निर्देशन में यह असामाजिक दिन में रेकी करते थे और रात में घरों में घुसकर चोरी, लूट और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम देते थे।
गैंग का सरगना लखन देवास जिले के कमलापुर का ही रहने वाला है।
पुलिस ने आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो आधा दर्जन से अधिक वारदातों का करना आरोपियों ने कबूल किया है। आरोपियों के कब्जे से बागली क्षेत्र की चार मोटरसाइकिल सहित कुल 13 मोटरसाइकिल, एक एलईडी, बागली थाना क्षेत्र में नकबजनी की 4 वारदातों में चुराई गई किराना सामग्री और दस हजार रुपये नगद जब्त किए गए हैं।
आरोपियों के नाम अमर पिता रघु निवासी धरमपुरी हाटपिपलिया, कमल पिता फूल सिंह निवासी नरपाखेड़ी सिद्धीकगंज, मिथुन पिता विक्रम निवासी मिमावर डोडी, सुरेंद्र पिता मोहन निवासी बापचा सिद्धिकगंज, लखन पिता राधेश्याम निवासी कमलापुर, राजेन्द्र पिता फूल सिंह निवासी नरपाखेड़ी सिद्दीकीगंज, एवं गणेश पिता मगन सिंह निवासी मुकुंदगढ़ बागली बताए गए हैं।
सभी आरोपियों की आयु 22 से 35 वर्ष के बीच की बाताई जा रही है।
एसपी ने बताया कि पुलिस को अभी और भी वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है । आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इनके खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 399 402 एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
आरोपियों को पकड़ने में कोतवाली थाना प्रभारी उमराव सिंह, बागली थाना प्रभारी शैलजा भदौरिया, सब इंस्पेक्टर के एस गहलोत, आर एस दांगी, दीपक कांबले, अख्तर पठान, एएसआई महेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक अनिल पांडे, संजय तंवर, आरक्षक मनोज पटेल रवि गरोड़ा, ओमपाल सचिन चौहान और शिव प्रताप सिंह की सराहनीय भूमिका रही है । पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले मेसफलाता पाने वाली टीम को नकद पुरस्कार कीघोषणा भी की है।




