क्षिप्रा के मकान पर पाकिस्तान का परचम? खुद को बचाने के लिए बेटे को बताया आरोपी मुख्य आरोपी फरार दो को गिरफ्तार कर भेजा जेल

देवास ( पं. अजय शर्मा ) देवास की हाटपिपल्या विधानसभा के ग्राम क्षिप्रा में एक मकान पर मोहर्रम पर्व पर विगत कई दिनों से पाकिस्तान का झंडा लहरा रहा था और जिम्मेदारों की लापरवाही को ठेंगा दिखा रहा था लेकिन लापरवाही की पट्टी आंखों पर बांधने वालों को यह पाकिस्तान का झण्डा नजर ही नहीं आया । ग्रामीणों व जानकारों ने बताया की मुख्य आरोपी फकरु पिता इदू एंव फकरु का भांजा तबरेज फरार । आरोपी फारुक पिता इदू और एक अन्य के विरुध्द प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजा ।

पाकिस्तानी झंडा मामला

प्राप्त जानकारी अनुसार क्षिप्रा के स्थानीय कुछ जागरूकों द्वारा सोशल मीडिया पर फोटो व विडियो डाले गये तो सोशल मिडिया के जागरुक पत्रकारों द्वारा पाकिस्तानी झण्डा देख चली बहस के कारण मामले ने तूल पकड़ लिया। सोशल मिडिया पर मामले को तूल पकड़ते देख झंडा फहराने वाला आरोपी सावधान हो गया और झंडा उतार कर नष्ट कर दिया।
मकान पर झंडे के फोटो और वीडियो के आधार पर सूचना के बाद राजस्व निरीक्षक लखन पूरबीया द्वारा तहसीलदार प्रवीण पाटीदार के निर्देश पर जांच की और आरोपी के घर से दूसरा झंडा जप्त कर रिपोर्ट औद्योगिक क्षेत्र थाना को दी गई। शिकायतकर्ता उसी क्षेत्र के पटवारी अजय दायमा को बनाया ,दायमा की रिपोर्ट शिकायत के आधार पर आर आई लखन पूरबीया द्वारा पंचनामा तैयार किया गया जिसमें स्थानीय निवासियों को गवाह बनाकर पंचनाम तैयार कर रिपोर्ट औद्योगिक थाना क्षेत्र को दी गई।
औद्योगिक थाना द्वारा रिपोर्ट के आधार पर धारा 153 क(1), ख -में प्रकरण दर्ज कर स्थानीय निवासियों के अनुसार मुख्य आरोपी के भाई फारूक पिता ईदू और एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया ।

इस मामले में उसी समय आर आई लखन पूरबीया का कहना था कि जांच में झंडा 15 वर्षीय नाबालिक द्वारा अनजाने में मोहर्रम पर्व का समझकर लगाया था ,और प्रशासन पुलिस की जानकारी में आने पर झंडा नष्ट कर दिया गया । जांच के आधार पर औद्योगिक क्षेत्र थाना में आरोपी फारुख खान के खिलाफ धारा 153 क(1), ख के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी फारुख पिता ईदू और एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जबकि स्थानीय क्षेत्र वासियों की और जानकारों की माने तो मुख्य आरोपी फकरू पिता ईदू और फकरू का भांजा तबरेज फरार बताए जा रहे हैं। बताया तो यह भी जा रहा है कि झंडा हर साल मोहर्रम में फहराया जाता है इस बार भी फहराया गया । अगर सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी झंडे की फोटो और वीडियो पर बहस ना छिड़ी होती तो मामला दबा दिया जाता या बनता ही नहीं ।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है की वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता से जांच कराते हुए पाकिस्तानी झंडा लाकर फहराने वाले वास्तविक मुख्य आरोपी फकरु पिता ईदू और फकरु का भांजा तबरेज को गिरफ्तार करना चाहिए।
भारतीय संस्कृति व संस्कारों में जहां माता पिता अपने बच्चों की लाख गलतियों को भी छुपाकर अपने ऊपर ले लेते हैं वहीं ग्रामवासियों के बताये अनुसार मुख्य आरोपी फकरु व तबरेज है तो फकरु ने अपने बेटे को भी नही बख्शा ! पाकिस्तानी झण्डे का मामला संगीन होकर भंडाफोड़ होने के बाद अपनी ही औलाद का नाम पुलिस को बता दिया और खुद फरार हो गया ! तो क्या ऐसे जल्लादी मानसिकता के व्यक्तियों को बख्शा जाना समाज, शहर, प्रदेश व देश के लिए हानिकारक नही है ? शासन प्रशासन को अब सोचना होगा कि जो अपनी ही औलाद का मीत नही वो समाज व देश का मीत कैसे हो सकता है ?

मामले में जिम्मेदारों पर अनेक सवाल खड़े किए जा रहे हैं –

  1. यह पाकिस्तानी झंडा इतने दिनों तक शिप्रा के मेन रोड पर स्थित मकान पर कैसे लगा रहा ?
  2. क्षिप्रा सरपंच सहित पुलिस और जनप्रतिनिधियों को यह पाकिस्तानी झंडा क्यों नहीं दिखाई दिया ?
  3. पाकिस्तानी झंडा आया कहां से और मकान पर फहराने का मकसद क्या था ?
  4. क्या पाकिस्तानी झण्डा घर में ही बनाया गया था ?
  5. यदि आरआई पूरबीया की माने तो झण्डा उतारकर नष्ट कर दिया गया था तो जब्त किया गया पाकिस्तानी दूसरा झण्डा कहॉं से आया ?
  6. क्या घर में और भी झण्डे उपलब्ध थे या बनाये जा रहे थे ?

वहीं पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही बयां कर रही है! सांप्रदायिक वातावरण दूषित करने और अवैध कारोबार के लिए कुख्यात शिप्रा में इस तरह पाकिस्तान का झंडा फहराया जाना शासन पुलिस और प्रशासन के सभी जिम्मेदारों पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है ? फिलहाल पुलिस की जांच अभी भी जारी बताई जा रही है।

और अंत में..

अब देखना यह होगा कि स्थानीय पुलिस व प्रशासन इस मामले में कितनी कड़ी कार्यवाही करता है ? और स्थानीय लोगों व जानकारों के बताए अनुसार मुख्य आरोपी फकरु व तबरेज सहित देशविरोधी विचारधारा से जुडे़ ऐसे लोगों पर शिकंजा कस सलाखों के पीछे भेजने में क्या भूमिका निभाता है ? या इस प्रकरण में भी अवैध कारोबारियों की भांति ही धनबल व राजनीतिक संरक्षण की आड में कार्यवाही करेंगे ? जबकि अब भारत राष्ट्र के संविधान और राष्ट्र की आंतरिक रक्षा सुरक्षा और व्यवस्था के लिये.पुलिस और प्रशासन को सख्त कार्यवाही करने की आवश्यकता है। साथ ही जिला प्रशासन को भी यह भलिभांति ज्ञात होना चाहिये कि यह मुद्दा केवल धर्म को ठेस पंहुचाने या धार्मिक भावनाओं को भड़का कर उन्माद फैलाने का ही नही है अपितु देश की संप्रभुता के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाये रखने का भी है। हाँ प्रशासन को ध्यान यह भी रखना पड़ेगा कि कहीं देशविरोधी विचारधारा के लोग शहर में लॉ एंड आर्डर की धज्जियां न उडा दें। क्योंकि जल्द ही हाटपिपलिया विधानसभा उपचुनाव भी घोषित होने वाले हैं।

देशविरोधी झंडे के संबंध में हमने जिम्मेदारों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस और प्रशासन से पूछा तो मिला जबाब–

1-इस प्रकरण में मैं अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी लेती हूं, मैं पता करके आपको पुनः बताती हूं।– गायत्रीराजे पंवार, विधायक, देवास

2-जिस हाटपिपल्या विधानसभा के ग्राम में यह मामला आया है उस विधानसभा के पूर्व विधायक व वर्तमान में घोषित विधायक प्रत्याशी मनोज चौधरी ने फोन नही उठाया।

3- हमने जिला कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला को फोन लगाया तो जिला कलेक्टर देवास चंद्रमौली शुक्ला ने भी फोन नही उठाया।

4-मामला संज्ञान में आते ही प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। ऐसे लोगों के आपराधिक प्रकरण निकाले जा रहे हैं। जांच कर जिलाबदर और एन एस ऐ की कार्यवाही की जायेगी।– डॉ. शिवदयालसिंह जिला पुलिस अधीक्षक, देवास

5-मुकदमा कायम है आदमी गिरफ्तार है। अनुसंधान जारी है। अनुसंधान में जैसा आयेगा वैसा करेंगे।( धारा पूछने पर बीच में ही फोन काट दिया पुनः फोन नही उठाया । )– अनिल शर्मा, थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र थाना, देवास

6-एसे लोग देश की जेल के लायक भी नही है। इन पर राष्ट्रद्रोह का प्रकरण दर्ज होना चाहिये। जो व्यक्ति देश की संप्रभुता से खिलवाड़ करें उन्हें पाकिस्तान भेज देना चाहिये।– मनोज राजानी, कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष, देवास

7-पुलिस ने कमजोर धारा में प्रकरण दर्ज किया है । इन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिये।– राजीव खंडेलवाल जिलाअध्यक्ष, भाजपा, देवास

8-इस प्रकार का मामला बिलकुल गलत है। देश में रहकर दुश्मन देश का झण्डा लगाना गलत है। देशद्रोह की कार्यवाही होना चाहिये।– रवि जैन, विधायक प्रतिनिधि, देवास

9-अगर सोच समझकर यह (झण्डा) लगाया गया है तो इस पर कड़ी कार्यवाही होना चाहिये। यह केवल धार्मिक भावना का मामला नही है, यह देशद्रोह का मामला है जिसकी कठोर सजा आरोपियों को दी जाना चाहिये। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिये।- श्रीकांत उपाध्याय, प्रेस क्लब अध्यक्ष देवास

10–किसी घर पर पाकिस्तान का झण्डा लहराता है तो उन पर राष्ट्रद्रोह का प्रकरण दर्ज होना चाहिये । उस घर में कौन-कौन रहता है ? उनके संपर्क में कौन-कौन है ? झण्डा कहां से आया ? कहां मिलते व बनते हैं किसने बनवाया ? उनकी जांच कर उन सब पर भी राष्ट्रद्रोह का प्रकरण दर्ज होना चाहिये।

  • अनिलराज सिंह सिकरवार, पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष, देवास

11–अन्य राष्ट्र का झण्डा अपने राष्ट्र में लगाना अपराध है। गलत किया है इन्हें कड़ी सजा मिलना चाहिये। राष्ट्रद्रोह का प्रकरण तो बनता है– लियाकत अली, अभिभाषक, देवास

12–जब पाकिस्तानी झंडे के प्रकरण में हमारे प्रतिनिधि द्वारा मुस्लिम सरपरस्त से बात की गई तो पहले उन्होंने बताया कि “,मेरी जानकारी में वह झण्डा पाकिस्तानी नही है। जानकारी प्राप्त कर बता पाउंगा। आप मुझे उस झण्डे और पाकिस्तानी झण्डे की फोटो भेजो।”
तो हमारे प्रतिनिधि द्वारा क्षिप्रा में लगे झण्डे के फोटो व विडियो समाचारों के साथ भेजकर दुबारा फोन लगाकर अवगत कराया कि आप चेक करो और पाकिस्तानी झण्डा आप खुद सर्च करो और हमें भी भेजो।
फोटो और विडियो भेजने के थोड़ी देर बाद जब हमने दोबारा मुस्लिम सरपरस्त से पूछा कि आप फोटो वीडियो देखने के बाद मुस्लिम समाज के नेतृत्व करता और जिम्मेदार होने के नाते क्या कहना चाहेंगे क्या संदेश देंगे तो उन्होंने कहा कि
“यह झण्डा अब जांच का विषय है । यह बात न्यायालय तय करेगा।प्रशासन इसका जिम्मेदार है। जो कसूरवार है उसे सजा मिलना चाहिये। प्रशासन द्वारा लगाई धारा किस बात के लिए है इसकी जानकारी भी मुझे नही है। मुझे धाराओं की जानकारी नहीं है हां जिस दिन झंडा पकड़ा गया था उस दिन किसी माध्यम से मुझे फोन आया था। जिस पर मैंने पुलिस अधीक्षक से बात की थी तो पुलिस अधीक्षक ने मुझे बताया कि यह झण्डा इस्लामिक नही है। तब मैंने उनको उचित कार्यवाही करने का कहकर छोड़ दिया। अब आपने मुझे बताया है तो मैं अपने समाज में बात करुंगा कि क्या करना है ? उसके बाद ही निर्णय लूंगा।- अबुल कलाम फारुकी, शहर जूनियर काजी, देवास

13–पुलिस द्वारा लगाई गई धारा स्थानीय धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धार्मिक उन्माद करना आदि के लिये होती है। जबकि यह मामला धार्मिकता से ऊपर उठकर राष्ट्र की अखंडता व संप्रभुता का है । जिस पर राष्ट्रद्रोह का प्रकरण दर्ज होना चाहिये। गिरफ्तार किये आरोपी सहित मुख्य आरोपी तथा जुडे गिरोह की जांच कर सभी के विरुध्द राष्ट्रद्रोह के तहत कार्यवाही की जाना चाहिए। पुलिस व प्रशासन को पाकिस्तानी झण्डे के लगाये जाने के कारनामे की तह तक जाकर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करना चाहिये।
ः- सुरेन्द्र कुमार पण्ड्या वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नोटरी, देवास