फरियादी परिवार पर पुलिस का अत्याचार  आदिवासी समाज मे गहरा आक्रोश ..,.,

शैलजा भदौरिया पर,पद के दुरुपयोग काआरोप…
(दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग)

देवास ( खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) नवागत एस पी डाक्टर शिवदयालसिंह अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई का ऐलान कर रहे हैं और अधिनस्थों को जनसेवा का पाठ भी पढ़ा रहे हैं लेकिन इस बीच वर्दी,पद और अधिकारों के घौर दुरुपयोग की कहानी सामने आये तो दावे और वादे दमदार नहीं लगते ।
जब आदिवासी समाज देशभक्ति जनसेवा का तमगा लगाने वालों से आक्रोशित होकर सवाल करे कि फरियादी को मारना कानून की कौन सी किताब में लिखा है? तब वास्तव मे पुलिस विभाग को शर्मिन्दा होनी वाली बात है ।
ग्राम गुराडिया कला पोस्ट तहसील बागली जिला देवास के निवासी आदिवासी सुमेर सिंह भूसारिया की पुत्री सुरमिला द्वारा अपनी बड़ी बहन सोरम पिता सुमेंर सिंह भुसारिया की गुमशुदा रिपोर्ट दिनांक 15/11/2019 को पुलिस चौकी चापड़ा में की गई थी । प्रकरण में गुमशुदा लड़की सोरम पिता सुमेर सिंह को तलाश करने मे पुलिस अभी तक नाकाम रही है वहीं पीड़ित परिवार को ही प्रताड़ित किया जा रहा है ।
पीड़ित परिवार के पुत्र देवसीह ,गौरव, पुत्री सुरमिला, पत्नी श्रीमती सीताबाई और सुनील पिता धन सिंह निवासी उदय नगर को पुलिस चौकी चापड़ा और पुलिस थाना बागली द्वारा घर से पकड़ कर पुलिस चौकी, पुलिस थाने बागली में लाकर जानवरों की तरह मारा गया है ।
उनकी 16 वर्ष की नाबालिक लड़की को भी बागली थाना में महिला पुलिस अधिकारी शैलजा भदौरिया द्वारा बेरहमी से पीटा गया । लड़की के मां-बाप को जातिसूचक शब्द बोल कर गंदी गंदी गाली भी दी गई और पुलिस बार-बार पीड़ित परिवार के घर जा जाकर परेशान कर रही है । पुलिस प्रताडना से आदिवासी पीड़ित परिवार भयभीत और मानसिक रूप से परेशान है ।
इस घटना की जानकारी मिलते ही समाज मे आक्रोश व्याप्त होकर “सर्व आदिवासी समाज” द्वारा दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर थाने का घेराव किया जा रहा है ।
आदिवासी समाज की मांग है कि दोषियों को सस्पेंड किया जाकर संबंधित एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। समाज और सहयोगी रंजीत भिलाला, ,दयाराम ठाकुर,दादा मुकेश बामनिया(सरपंच) , अनिता अलावा, खुशीलाल राठौड़, लखन राठोड़ ,गोपाल भोसले, कमल डोडवे, सूरज सिंह मौर्य ,सुरेश डावर ,विजय वास्केल, गुरु डोडवे ,दीपक डोडवे ,दीवान पचावा, बादल ,देवी सिंह मुजाल्दे ,जगदीश बघेल, राहुल वास्केल, मोहन जामले ,रामदेव काकड़िया, रवि मुजाल्दे ,अमर सिंह मालवीय ,गोविंद गिरवाल, दिनेश अजनार ,अर्जुन, देवीलाल, कुमारियां बघेल रवि वसुनिया द्वारा एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर तुरंत कार्रवाई की मांग की गृई । तत्पश्चात सर्व आदिवासी समाजजन , आदिवासी जन संगठन जयस ,बिरसा ब्रिगेड आदिवासी मुक्ति मोर्चा, संगठन ,रायस, द्वारा दिनांक 06/07/2020 को सुबह 10:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक बागली थाना घेराव किया गया और कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे । इस बीच
एडिशनल एसपी उनके बीच पहुंचे और समस्या सुनी, समस्या सुनकर एडिशनल एसपी ने कहा – सिर्फ 2 दिन का समय दीजिए कल पीड़ित परिवार का बयान होने के बाद हम जांच करेंगे और उसके एक घंटे बाद तुरंत एक्शन ले कर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की जावेगी। दूसरे दिन फिर सुबह 10:00 बजे से बयान के लिए आदिवासी समाज के लोग थाने पर एकत्रित होकर एडिशनल एसपी का इंतजार कर नारेबाजी से आक्रोश व्यक्त किया ।
ए एस पी श्री शर्मा को ज्ञापन देकर अब पीड़ित और प्रताड़ित परिवार सहित उनके समाज और सहयोगियों को एस पी डाक्टर शिवदयालसिंह से दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद है ।

शैलजा भदौरिया का जंगल राज?

अकसर विवादों मे रहने वाली शैलजा भदौरिया वर्दी,पद और अधिकारों के लिये चर्चित हैं ।भौरासा हो या देवास ये वर्दी और पद के विपरीत ही चलती हैं । बागली जाकर जंगल राज को साकार कर ही थाना प्रभारी ने हाल ही मे एक गुंडे को गिरफ्तार कर जुलूस भी निकाला लेकिन उस गुंडे नबा की पत्नी के साथ मारपीट कर उसके कान को नुकसान पहुंचाया। बागली के ही जे पी पहलवान को गिरफ्तार करने पहुंची और वह नहीं मिला तब घर की महिलाओं को अश्लील गालियां देकर पीटा । क्षेत्रवासियों का कहना है कि शैलजा भदौरिया को अवैध कारोबारियों और अपराधियों पर कार्रवाई करना चाहिए लेकिन ये निर्दोषों का शिकार कर रही हैं । मुख्यमंत्री हेल्प लाईन पर इनकी शिकायत भी की गई है और फरियादी आदिवासी परिवार पर अत्याचार मामले मे इनकी बिदाई बागली से तय बताई जा रही है ।

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