

देवास । (खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) देवास मे श्रद्धा ,उपवास,साधना और सेवा के पावन पर्व नवरात्र मे प्रशासन द्वारा शासन के निर्देशानुसार भक्तों को पांडाल लगाकर दैवी प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने सहित प्रमुख श्रद्धा केन्द्र माता चामुण्डा की टेकरी पर दर्शनों की व्यवस्था बिना सांस लिये जीवित रहने का आदेश साबित हो रही है ।
नंगे पांव पैदल और घुटनों पर आनेवाले दर्शनार्थियों और श्रद्धालु भक्तों की अग्नि परीक्षा साबित हो रही हैं अव्यवस्थाऐं । पहाड़ी पर बड़ी संख्या मे श्रद्धालु दर्शनार्थियों की भीड़ शहर से पैदल पहुंच रही है और उन्हे पानी नहीं मिल रहा है । शहर मे सार्वजनिक पांडालों मे स्थापित देवी प्रतिमाओं के दर्शन तो किये जा सकते हैं लेकिन प्रसाद और पानी वितरण नहीं कर सकते?
टेकरी पर दैवी दर्शन करने वालों और उपवास रखने वाले भक्तों के लिये लगाये जाने वाले पानी और फरियाल,चाय के स्टाल नहीं लगने से दैवी भक्त सेवक नाराज हैं और दर्शनार्थी परेशान । हालात यह हैं कि बच्चों को अनजाने परिवार से मांगकर पानी पिलाया जा रहा है जो कोविड-19 के चलते उचित नहीं है । प्रशासनिक निर्णय समझ से परे होकर जनप्रतिनिधियों को इसका आभास ही नहीं है और न ही प्रशासन को परवाह । हजारों श्रद्धालु धारा 144 के चलते अमावस स्नान कर सकते हैं, उप चुनाव की सभाएं और रोड शो हो रहे हैं, दर्शन और प्रतिमा स्थापना ,आरती की छूट है तब नियमानुसार पानी ,चाय और फरियाल वितरण की स्वीकृति भी होना चाहिए ।
इस संबंध मे जागरुक सांसद महेन्द्रसिंह सोलंकी ,विधायक गायत्रीराजे पवार और सक्रिय कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी सहित शांती समिति के सदस्यों को पहल कर प्यासे भक्तों को स्वच्छ जल सेवा की व्यवस्था करवाना चाहिए ।

