
देवास /हाटपिपल्या (खुमानसिंह बैस) हाटपिपल्या विधानसभा में चल रहे राजनीतिक खेल पर अब मतदाताओं को भरोसा नहीं है और मनोज चौधरी पर प्रतिक्रिया लेने पर ही मतदाता भड़क रहा है ।मतदाताओं का कहना है कि हमने बरसों बाद यहां मनोज चौधरी पर विश्वास कर जिस भाजपा को पराजीत कर परिवर्तन किया अब वही मनोज भाजपा के नाम पर वोट मांगकर हमे धोखा देने की कोशिश कर रहा है । भाजपा संगठन जीतने के लिए एड़ी चोटी तक का जोर लगा रहा है। भाजपा के बड़े नेताओं ने हार के डर से हाटपीपल्या विधनसभा को ही अपनी सक्रियता का केन्द्र बना रखा है।
जातिगत समीकरण साधने के लिए सभी नेता बहुमूल्य क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
भाजपा के प्रत्याशी मनोज चौधरी की विजय आसान नहीं है क्योंकि कांग्रेस पार्टी एक मात्र पार्टी थी जिसने मनोज चौधरी को हाटपीपल्याा से 2018 में प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतारा था और उसने जीतने के बाद राजनीति में अपना पहला कदम रखा था । लालच के कारण मतदाताओं के प्रेम और विश्वास को लात मारकर पार्टी के प्रति वफादारी ना निभाते हुए कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होकर , फिर भाजपा प्रत्याशी के तौर पर हाटपीपल्याा विधानसभा की जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने के लिए मैदान में नजर आ रहे हैं।
हर गली , मोहल्ले और चौपालों पर यही चर्चा है की जिसने राजनीति में जन्म दिया उसी का नहीं हुआ मनोज चौधरी तो जिसने लिया गोद उसका क्या होगा ? जमीनी हकीकत देखी जाए तो भाजपा के मनोज चौधरी की हार तय है ।भाजपा संगठन केंद्र की योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिवराज के नाम पर जनता को भ्रमित कर वोट मांगते नजर आ रहा हैं।
देखा जाए तो भाजपा के स्थानीय नेता भी मनोज चौधरी से नाराज हैं लेकिन संगठन के दबाव में चौधरी के चुनाव प्रचार में औपचारिकता पूर्ण करते नजर आ रहे हैं।
जीतने के बाद नहीं उठाते हैं चौधरी फोन…. हाटपीपल्या विधानसभा के कई कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से यह बात भी पता चली है कि मनोज चौधरी 2018 में विधायक बनने के बाद किसी का फोन नहीं उठाते थे ।अधिकतर समय उनका मोबाइल बंद रहता था या फिर फोन नहीं उठाते थै जिससे क्षेत्र का आम आदमी उन्हे अपनी समस्या नहीं बता पाता था।
हाटपिपल्या मे एक ही चर्चा है कि मनोज तो रंग बदलने मे गिरगिट के भी पीछे छोड़ी रियो है । भाजपा मे हार का भय साफ दिखाई दे रहा है । हाटपिपल्या मे भाजपा की बुरी तरह हार का कारण मनोज चौधरी का मतदाताओं से विश्वासघात ही बनेगा यही कह रहा है क्षेत्र का मतदाता ।

