गैंग रेप के मुख्य आरोपियों पर पुलिस मेहरबान ? कोतवाली के सामने निकाला औपचारिक जुलूस (अंतिम फरार आरोपी भी पुलिस गिरफ्त मे आने की सूचना )

 

देवास (खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) एस पी डाक्टर शिवदयालसिंह द्वारा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और गृहमंत्री के निर्देशानुसार अवैध कारोबारियों ,असामाजिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करवाई जा रही है । इसी मुहीम के तहता शहर और जिले के थाना प्रभारियों द्वारा पुराने गुण्डों ,अवैध कारोबारियों को गिरफ्तार किया जाकर उनका उसी क्षेत्र मे जुलूस निकाल कर उठक-बैठक भी लगवाई गई ताकि उनका आतंक कम हो ।
पुलिस ने सटोरियों ,गुण्डों के अतिक्रमण हटाकर, जुलूस निकालकर ,उठक-बैठक के फोटो विडियो का प्रचार भी जमकर करवाया लेकिन कुख्यात सामूहिक बलात्कार के आरोपियों को सम्मान से थाने के सामने घुमाया ।
16 जून को शहर के भवानी सागर में रह रही एक नाबालिका के गुम हो जाने की रिपोर्ट कोतवाली थाने में लिखवाई गई थी। मामले को लेकर पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला की नाबालिग को कुछ लोग जयपुर राजस्थान लेकर गए हैं। पुलिस ने नाबालिग को जयपुर से बरामद किया उसके साथ छह आरोपी तीन नाबालिग और तीन बालिग को गिरफ्तार कर देवास लाया गया । पुलिस के अनुसार नाबालिग के साथ तीन आरोपियों ने बारी-बारी से दुष्कर्म भी किया था।
फरार तीन आरोपियों में से दो मुख्य आरोपी रोहित उर्फ काली एवं उसके साथी अजय को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपी रोहित उर्फ काली के खिलाफ एक दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं यह बात खुद पुलिस के प्रेसनोट मे बताई जा रही है और फरार भी वही रहा जिस के सामने पुलिस निष्क्रिय ,अक्षम और नाकाम दिखायी दी । एक आरोपी विशाल गौस्वामी अब तक फरार था जिसकी गिरफ्तारी ( समर्पण )की सूचना है ।
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर शिव दयाल सिंह ने सिटी कोतवाली में प्रेस कांफ्रेंस कर प्रकरण का खुलासा करते हुए बताया की दोनों आरोपियों को धार जिले से गिरफ्तार किया है ।
मामले में 6 आरोपियों को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
गौरतलब है की नाबालिग के गैंगरेप, अपहरण के बाद पीड़िता को राजस्थान से बरामद किया गया था। इस मामले में अब कुल 8 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और एक आरोपी अभी तक फरार बताया गया ।
प्रेस वार्ता के बाद पकड़े गए दोनों आरोपियों का सयाजी द्वार तक पुलिस ने जूलुस निकाला जिसमें पीड़िता के परिजनों व मौजूद लोगों ने आरोपियों के विरूद्ध और फांसी देने के लिए जमकर नारे भी लगाए।
थाना कोतवाली प्रभारी महेन्द्र सिंह परमार के नेतृत्व में उनि संतोष वाघेला को एवं दूसरी टीम का नेतृत्व उनि. पवन यादव को कमान दी गई।
टीम में सायबर आर. शिवप्रताप सिंह सेंगर को रखा गया जिसके द्वारा आरोपियों के संबंध में तकनीकी सहायता देकर सम्भावित स्थानों पर पतारसी करते मुखबीर की सूचना पर कस्बा कानवन जिला धार में दबीश देकर दो आरोपी 1.रोहित उर्फ काली पिता दशरथ खटीक निवासी विक्रम मार्ग भवानी सागर, 2 अजय पिता दशरय खटीक भवानी सागर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई । आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार किये जाने पर गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी रोहित उर्फ काली पिता दशरथ खटीक निवासी भवानी सागर आपराधिक प्रवृत्ति का होकर आरोपी के विरूद्ध शहर के कई थानों में अपराध जिसमें हत्या का प्रयास, अवैध शराब तस्करी, जुआ ,सट्टा, मारपीट के अपराध पंजीबद्ध हैं। प्रकरण में अन्य आरोपी विशाल गौस्वामी अभी भी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।
यह है पूरा मामला
दिनांक 16.06.2020 को फरियादी बंटी कायस्थ पिता दुलीचंदजी निवासी पत्रकार कालोनी जावरा जिला रतलाम ने अपनी नाबालिग बालिका के गुम होने की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। नाबालिग बालिका उसकी मौसी रानी निवासी भवानी सागर देवास के यहां पर रह कर पढ़ाई करती थी। उसके माता पिता जावरा जिला रतलाम में रहते है, उनसे मिलने गई थी।
दिनांक 15.06.2020 को नाबालीग सहेली निवासी भवानी सागर द्वारा फोन लगाकर देवास बुलाया था जो अपने पिता बंटी के साथ देवास रेल्वे स्टेशन आई थी। उसके बाद से उसके पिता बंटी स्टेशन पर ही इंतजार करते रहे आसपास तलाश करने के बाद थाना कोतवाली देवास में अपराध क्रं. 355/2020 धारा 363 भादवि पंजीबद्ध कराया था।
बालिका की बरामदगी हेतु दो टीम बनाकर नाबालिग और कुख्यात असामाजिक आरोपियों
के रिश्तेदारों में लगातार पतारसी की गई तो पाया गया की बालिका को उसकी सहेली के द्वारा अपनी एक्टिवा गाड़ी से बैठा कर होटल उत्सव में ले जाया गया था।
होटल के रिसेप्सनिस्ट द्वारा बिना आईडी कार्ड के रुम बुक कर दिया गया।
जहां पर आरोपीगण 1. रोहित उर्फ काली 2. अजय डिडवानी 3.विशाल गोस्वामी निवासी भवानी सागर द्वारा अपहृता नाबालिग के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया ।
बाद में नाबालिग आरोपी निवासी शालीनी रोड़ को सुपुर्द कर दिया उसके द्वारा अपने साथी अमन निवासी बिहारीगंज व नितेश तिवारी निवासी शालीनी रोड़ की मदद से आरोपी के मामा लोकेश पिता मांगीलाल माली निवासी ग्राम हरसोला थाना किशनगंज जिला इंदौर के यहां छोडऩा बताया आरोपी के मामा द्वारा आश्रय देकर आर्थिक मदद दी थी।
पुलिस द्वारा तलाश करने पर उसे वहां से भगा दिया था। विवेचना के दौरान पाया गया की उक्त दोनों आरोपी बालक अपहृता बालिका इंदौर से बस में बैठ कर चित्तौडगढ़ गए थे। जहांतलाश की गई, चित्तौडगढ़ बस स्टेण्ड के रजिस्ट्रर में चेक करने पर आरोपी नाबालिग एवं अपहृता बालिका की इंट्री रजिस्ट्रर में होना पायी गयी। विशेष टीम द्वारा सायबर तकनीकी सहायता से एवं ड्राइवर व कंडक्टर से पूछताछ करने पर जयपुर से करीब दो सौ फीट चौराहे पर बस से उतरना पाया गया। विशेष टीम द्वारा मेट्रो सिटी जयपुर में जयपुर पुलिस क्राइम ब्रांच की सहायता से लगातार दो दिनों तक तकनीकी सहायता से आरोपी व अपहृता का पता कर जयपुर से बरामद किया गया जाकर प्रकरण में धारा 368, 376 भादवि एवं 5/6 पाक्सो एक्ट एवं 3(डब्लू-आईआई)3(2)(वी)एससी/एसटी एक्ट का इजाफा किया गया।
तीन गुण्डे भी पकड़े
गुण्डा पकड़ो अभियान के तीन आरोपी जिसमें अंकित पिता अशोक कुरावरे भवानी सागर, शुभम पिता राजू चौहान, अक्षय पिता दीपक व्यास है। तीनों पर कोतवाली थाना क्षेत्र के साथ अन्य थानों पर कई प्रकार के अपराध पंजीबद्ध हैं ।
इनका सराहनीय कार्य बताया जा रहा है ।
उनि संतोष वाघेला, उनि पवन यादव, उनि हर्ष चौधरी, सउनि शकील कुरैशी, प्रआर संजय, मनोज पटेल, खलील खान, सायबर आरक्षक शिवप्रताप सिंह सेंगर, आर. सचिन, सायबर आरक्षक मनोज पटेल, शेलेन्द्र राणा, रवि गरोड़ा, सुनील पटेल, राकेश पटेल, प्रभुलाल का विशेष सहयोग रहा। टीम के सभी सदस्यों को पुलिस अधीक्षक ने पुरूस्कृत करने की घोषणा की है।
यह यह उल्लेख जरुरी है जो प्रकरण की शुरुआत से चर्चा मे है कि कोतवाली पुलिस के एक प्रधान आरक्षक द्वारा आरोपियों को भरपूर सहयोग किया और करवाया जा रहा है ।
लॉकडाउन के नियम तोड़ने वालों से उठक-बैठक लगवाने और मारपीट करने वाली पुलिस, सामान्य असामाजिक ,गुण्डों का उनके क्षेत्र मे जुलूस निकलवाने वाली पुलिस कुख्यात अवैध कारोबारियों ,बलात्कारियों पर मेहरबान होकर उनके क्षेत्र मे जुलूस नहीं निकाल कर कोतवाली के सामने सम्मानित जुलूस की औपचारिकता पूरी की गई ।
यह देखकर जनचर्चा रही कि पुलिस ने आरोपियों से बड़ी सांठगांठ की है ।
इससे पहले भी पीड़िता के मामा और परिजन पुलिस और भाजपा के पूर्व पार्षद संजय दायमा पर धमकी देने के आरोप पत्रकारों सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगा चुके हैं । संजय दायमा और पीड़िता के परिजनों का नाहर दरवाजा थाने का विडियो भी वायरल रहा है जिसमे पीड़िता के परिजन पुलिस और पूर्व पार्षद पर धमकी देने का आरोप मीडिया के सामने लगा रहे हैं और संजय दायमा सफाई दे रहे हैं ।
,इस मामले मे होटल उत्सव के नाबालिग मेनेजर को आरोपी बनाया गया लेकिन होटल मालिक को बचाया गया । और भी आरोपियों को अप्रत्यक्ष सहयोग प्रदान किया गया है । बताया जाता है कि एक प्रधान आरक्षक आरोपियों का रिश्तेदार होकर भरपूर सहयोग और सेटिंग मे भी शामिल रहा है । मामले को कमजोर करने मे लाखों के लेनदेन की भी चर्चा है ।
प्रकरण के अंतिम फरार आरोपी विशाल गोस्वामी की गिरफ्तारी की भी सूचना आ गई है । मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान बेटियों के साथ अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं वहीं पुलिस बेटियों से सामुहिक बलात्कार करने वालों की मेहमानों सी खातिर करने के लिए प्रसिद्ध हो रही है ।