डॉक्टर रश्मि दुबे को कर्तव्य से है प्यार छह वर्षिय परी बेटी से दूरी भी स्वीकार (कंचन कोरोना योद्धा की हो रही सराहना )

देवास(खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) फूलों की तरह सुन्दर और सुगंधित आपका व्यवहार है… चिकित्सा क्षेत्र ही आपकी खुशियों का संसार है… आपके व्यक्तित्व मे योग्यता साकार है… समर्पित कर्तव्यपालन आपकी संतुष्टि ,सफलताओं और लोकप्रियता का आधार है… मरीजों की सेवा से उन्हें प्यार है और इस संक्रमण संकट के समय उन्हें अपनी छह वर्षीय परी बिटिया से दूरी भी स्वीकार है ।
औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोविड सेन्टर की प्रभारी डॉक्टर रश्मि दुबे अपने समर्पित कर्तव्यपालन के लिए प्रशंसा और सराहना का विषय बनी हुई हैं ।
कोविड-19 से मरीजों की सुरक्षा मे सक्रिय और समर्पित डॉक्टर रश्मि दुबे डेढ़ माह से अपनी छह साल की परी बिटिया और परिवार से दूर देवास मे किराये के फ्लेट मे रहकर ,औद्योगिक क्षेत्र के 250 बिस्तर वाले कोविड-19 केयर सेन्टर की प्रभारी पद पर निरंतर सेवा देते हुए अपने कोरोना योद्धा होने का प्रमाण दे रही हैं । डॉक्टर रश्मि दुबे देवास जिला चिकित्सालय मे अपनी हर भूमिका बहुत ही ईमानदारी से निभाती रही हैं और वरिष्ठों सहित प्रशासनिक आधिकारियों की गुड लिस्ट मे रही हैं ।आनेक प्रेस कांफ्रेंस मे आप संबंधित विषय को सरलता से समझाकर सभी को प्रभावित करती रहीं हैं ।
मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं ,मीडिया की बारिकियों को समझने वाली डॉक्टर रश्मि दुबे अपनी बिटिया परी से दूर होकर मोबाइल पर ही बात करती हैं । इन्दौर मे दादा दादी और पापा के पास रह रही परी फोन पर रो देती है और कहती है मम्मा आप कब आओगे?। बेटी का यह सवाल मां को कितना कठिन लगता होगा ? यह समझा जा सकता है ।
डॉक्टर रश्मि के सास ससुर वृद्ध हैं और पति की सर्जरी होने से उनकी पारिवारिक जिम्मेदारी भी बड़ी है, लेकिन सेवा का जुनून और जज्बा ऐसा कि सब कुछ दूसरे नम्बर पर रखकर कर्तव्य प्रथम रखती हैं । डॉक्टर रश्मि दुबे ने चर्चा मे बताया कि मेरा पद ऐसे ही कठिन समय मे समर्पित सेवा के लिए है । इस समय ईश्वर की कृपा भी हमारी सेवा मे शामिल होकर हमारा सुरक्षा कवच है । देश और देवास जिले के कोरोना योद्धाओं मे डॉक्टर रश्मि दुबे का नाम भी शामिल है । नमन नारी की चेतना ,श्रेष्ठता और शक्ति की प्रतीक डॉक्टर रश्मि दुबे को ।