सोनकच्छ थाना मे फरियादी पर हमला थानाप्रभारी द्वारा पीड़ितों का अपमान (जिले मे वर्दी और अधिकारों का बढ़ता दुरुपयोग सवाल)

देवास/सोनकच्छ (खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) ।पत्रकारों को धमकाने और आमजन को अपमानित करने वाली सोनकच्छ थाना प्रभारी प्रीति बाथरी और उनके सहयोगियों द्वारा जमकर पद,वर्दी और अधिकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है ।
पत्रकार के साथ अभद्रता के मामले सहित अन्य सम्मानितों से अपमानजनक व्यवहार की शिकायतों और ज्ञापन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग के चलते थाना प्रभारी प्रीति बाथरी का एक और विडियो आया है जिसमे वह प्रार्थना और निवेदन करनेवालों के साथ निम्न स्तरीय व्यवहार कर रही हैं ।

जिला पुलिस अधीक्षक डाक्टर शिवदयालसिंह हर अवैध के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात कर रहे हैं,जनता और फरियादियों के साथ पुलिस को सम्मान से पेश आने की शिक्षा दे रहे हैं लेकिन उनके ही अधिनस्थ खुद को जनता,फरियादियों और थाने का मालिक समझकर निवेदन करने वालों को कुत्ते की तरह भगा रहे हैं ।
सोनकच्छ थाने मे फरयादी को आरोपी ने सर में पत्थर मार कर घायल कर दिया लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट में घटना स्थल थाने की जगह गाँव मे होना बताया ।
सोनकच्छ थाना हमेशा किसी न किसी कारण से चर्चाओं में रहता है ।
इस बार सोनकच्छ थाने पर दो पक्ष रुपये को लेकर विवाद होने की रिपोर्ट लिखाने आए थे और दोनो ही पक्ष के युवकों की थाने में बैठा रखा था लेकिन एक पक्ष के युवक ने थाने के अन्दर ही दूसरे पक्ष के युवक को पत्थर मार कर घायल कर दिया ।
पुलिस ने थाने की मारपीट की घटना को दबाते हुए गांव में ही मारपीट होना दर्शाकर प्रकरण दर्ज कर दिया । पुलिस शायद ये भूल गई कि घटना स्थल तो बदल देंगे लेकिन थाने में लगे सीसी टीवी कैमरों से सच्चाई सामने आ जाएगी ।
सोमवार को थाना क्षेत्र के ग्राम नया कोठड़ा मे शाम करीब 4 बजे रुपये के लेन-देन को लेकर विक्रम बंजारा और प्रदीप राठौर मे गाली गलौच हो गई थी । दोनो ही युवक थाने पर एक दूसरे के विरूद्ध रिपोर्ट लिखवाने आए थे ।
पुलिस ने दोनों ही युवकों की रिपोर्ट नही लिखते हुवे थाने के एक कमरे में बैठा दिया तभी मौखिक विवाद के चलते प्रदीप ने थाने के अन्दर ही विक्रम के सर पर पत्थर मार कर घायल कर दिया । पुलिस घायल को लेकर अस्पताल आई और घायल विक्रम का मेडिकल करवाया गया ।
फरियादी विक्रम पिता ग़ोपाल की रिपोर्ट पर से आरोपी प्रदीप राठौर के विरुद्ध धारा 323,294,506 के प्रकरण दर्ज किया गया । पुलिस ने घटना स्थल बदल दिया । मारपीट की घटना थाने के अंदर हुई थीं और लिखी गई गांव मे होना ।
अगर सत्यता की जांच की जाए तब थाने में लगे सीसी टीवी कैमरे से सब खुलासा हो जाएगा।
फरियादी जब थाने पर आता है तब उसे कोई चोट नही लगी होती है और जब वह थाने के बाहर जाता है तब उसे सर में लगी चोट साफ दिखाई देती है।
फरियादी और उसके परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अपनी साख बचाने के लिए गलत रिपोर्ट लिख कर हमें थाने से चिल्लाकर भगा दिया ।
फरियादियों के पक्ष को एक विडियो प्रमाणित कर रहा है जिसमें थाना प्रभारी प्रीति बाथरी और दो पुलिसकर्मी उन्हे डरा-धमका कर उनपर ही कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं ,चीखकर भगा रहे हैं ।
क्या आमआदमी, फरियादियों से पुलिस का अपराधियों के साथ किया जाने वाला व्यवहार मुख्यमंत्री ,गृहमंत्री के निर्देशों सहित एस पी के भी वादे और दावे के अनुरुप माना जा सकता है?
बागली मे थाना प्रभारी शैलजा भदौरिया और अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा फरियादी आदिवासी परिवार की नाबालिग बेटी सहित मां,बाप और भाईयों से मारपीट सहित सोनकच्छ थाना प्रभारी द्वारा पत्रकारों के अपमान की शिकायत ,विरोध के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न होना चर्चा का विषय है । बताया जा रहा है मामला और आगे जाने वाला है । पत्रकारों और पत्रकार संगठनों को विश्वास है कि एस पी इस मामले मे जल्दी ही निर्णय लेंगे ।
अधिनस्थों की नियम विरुद्ध कार्रवाई से पुलिस की छबी निरंतर धूमिल हो रही है ।

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