देवास (खुमानसिंह बैस) कोतवाली क्षेत्र मे गाजरघास की तरह ऊग आये सट्टा जुआ अड्डे समाज मे बीमारियां फैलाने का काम कर रहे हैं और पुलिस कभी कभी कार्यवाही की औपचारिकता से अपनी सक्रियता दिखाने का कार्य कर दैती है ।
बताया यह जाता है कि शहर मे सट्टा और जुआ का संचालन पुलिस के सहयोग से ही चलाया जाता है । पुलिस चाहे तो कहीं भी यह अवैध कारोबार नहीं चल सकता ।
देवास कोतवाली मे ही दस से पन्द्रह सटोरिये अपना धंधा आसानी से चला रहे हैं । हर दिन लाखों का धंधा हो रहा है और सहयोगी दलाल हजारो रुपये कमा रहे हैं । देवास के सटोरिये सांठगांठ मे माहिर होकर खाकी खादी और प्रेस के कुछ सहयोगियों को साध लेते हैं । सट्टा कारोबार की यह बीमारी सदाबहार होकर जिले मे भी पसर गई है । पुलिस महानिदेशक से लेकर महानिरीक्षक और एसपी से लेकर थानाप्रभारियों तक के दावे को दरकिनार कर सटोरिये सत्ताधारियों के सहयोग से ही सफलता का प्रतीक बन गये हैं । कोतवाली क्षेत्र के सटोरियों को पुलिस का मजबूत सहयोग चर्चा मे बना रहता है । हाल ही मे नाहर दरवाजा के नवागत थानाप्रभारी ने भवानी सागर से सटोरियों को गिरफ्तार कर यह प्रमाणित किया कि इससे पहले पुलिस भरपूर दक्षिणा लेकर इस कारोबार को सुरक्षा दे रही थी । खुद सटोरिये कहते हैं कि बिना पुलिस के सहयोग से हम एक घण्टे धंधा नहीं कर सकते । यह माना जा सकता है की शहर के अड्डे पुलिस के सहयोग सृ ही आबाद हैं ।

