एक दिन पूर्व दबिश में 7 सटोरिये पकड़ाए अगले दिन फिर सट्टा बाजार हुआ गुलजार

ब्रिज के नीचे का सदाबहार सट्टाबाजार कब बंद होगा?
 पुलिस पर लगाया जाता है
औपचारिक कार्रवाई का आरोप
 उच्च अधिकारी की कार्यवाही पर सवालिया निशान
देवास (खुमानसिंह बैस) कुछ लोग शरीर से लाचार होते हैं और कुछ आदत से । देवास के कुछ सटोरिये आदत से लाचार हैं और पुलिस के लिये अतिरिक्त आमदानी का आधार हैं ।
उज्जैन रोड रेल्वे ब्रिज के नीचे पटरी के इस पार सटोरिये भाईयों का सदाबहार अड्डा पुलिस के कथित भरपूर सहयोग से ही चलता है ।
पटरी के उसपार एक सफेदपोश का सट्टा-जुआ उसके परिवार के युवक चला रहे हैं । देवास मे सटोरियों की सेटिंग का जवाब नहीं है । पत्रकार खबरें लिखते हैं लेकिन वरदी के दाग-धब्बे वरिष्ठ अधिकारियों को आसानी से भ्रमित कर लाखों के आसामी बन जाते हैं । ब्रिज के नीचे उपरी दबाव के बाद ही औपचारिक कार्रवाई होती है । अनेक ईमानदार अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई भी की लेकिन यह अड्डा बंद नही हो सका ।
अड्डा संचालक पुलिस को अपना संवरक्षक और सहयोगी भी प्रचारित करते हैं । ऐसा इसलिए कि कोतवाली के कुछ चर्चित चेहरे इनके साथ ही दिखायी देते हैं ।
उज्जैन रोड ब्रिज के नीचे इस पार कभी कभी छापे और गिरफ्तारी की रस्म अदायगी के बावजूद यह अड्डा आबाद रहता है । सटोरिये भाइयों को पुलिस अकसर बचा लेती है और नौकरों पर कार्रवाई कर अपनी सफलता प्रचारित करती है । पुल के उसपार चलने वाले सफेदपोश जनप्रतिनिधि के सट्टा-जुआ कारोबार को भी वर्दी का वरदहस्त प्राप्त है ।
इधर भचान का सट्टा और उधर बूचा का अड्डा चलाया जाता है । बूचा के अड्डे से सीएसपी विजयशंकर ने 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया था । देवास के सटोरियों द्वारा
गिरफ्तारी के बाद ही वापस अपने अड्डे पर काम शुरु कर दैनै से जनता मे सदेश यह जाता है कि सट्टा कारोबार मे पुलिस की सहमति है ।
28 जुलाई को पुलिस ने यहां से भी सात सटोरिये पकड़े थे लेकिन 29 को यह अड्डा और सटोरिये फिर सक्रिय हैं । अब एस पी चाहैं जब सट्टा और जुआ पर अंकुश लगा सकतै हैं ।