पत्तीबाजार से एस पी की अवैध विरोधी मुहीम को अवैध कारोबारियों की खुली चुनौती ?

सट्टा सरगना का साहस देवास पुलिस का उपहास

जारी रहेगा सट्टा नशा व्यपार पुलिस कार्रवाई व्यर्थ और बेकार

देवास (खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) शहर के मध्य वर्षों से सट्टा व्यपार के लिये कुख्यात तीनबत्ती क्षेत्र के पत्तीबाजार मे सटोरियों की शक्ति और सक्रियता पुलिस पर भारी पड़ती रही है ।
एस पी कृष्णावेणी देसावतु ने अवैध कारोबारियों और माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का वादा और दावा किया था लेकिन विभागीय असहयोग और राजनीतिक सहयोग से पत्तीबाजार सहित अन्य थाना क्षेत्रों मे सट्टा ,जुआ आसानी से चलता रहा । इससे पहले भी एस पी चन्द्रशेखर सोलंकी भी सट्टे पर अंकुश लगाने मे असफल रहे ।
एसपी डाक्टर शिवदयालसिंह ने भी किसी भी अवैध के विरुद्ध कार्रवाई करने का वादा और दावा समाचार प्रसारण-प्रकाशन के माध्यम से किया लेकिन खाकी कि खौफ़ घोलकर पी जाने वाले सट्टा-जुआ संचालकों की सेहत पर कोई असर नहीं देखा गया ।
एस पी के सख्त निर्देश और सीएसपी अनिलसिंह राठौर के प्रयासों पर पत्तीबाजार के शक्तिशाली सट्टा व्यपार ने पानी फेर दिया । कोतवाली और अन्य थानों पर सटोरियों के सहयोगी मौजूद हैं जो सट्टा व्यपार की रीढ़ होकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को गुमराह करने का कमाल रखते हैं ।
अभी हाल ही मे पत्तीबाजार से सटोरिये गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला गया था । 28 जुलाई को फिर सीएसपी अनिलसिंह राठौर ने नाहर दरवाजा पुलिस के सहयोग से पत्तीबाजार मे इस्माइल पत्ती के अड्डे पर छापा मारकर 5 सटोरिये और ब्रिज के नीचे से सात सटोरियों को गिरफ्तार कर उनका नाम बताने मे टालमटोल करते रहे ।
थाने से वापस आकर सटोरिये फिर अपने कारोबार मे लग गये । सटोरियों की दबंगता और दिलेरी देवास के सकारात्मक जनता और कर्तव्यपालन के एस पी डाक्टर शिवदयालसिंह के वादे और दावे पर सवाल है? ।
हम सकारात्मक और वर्दी के वरदान एस पी के प्रभावी प्रयासों की प्रशंसा और सम्मान करते हैं लेकिन सट्टा-जुआ सरगनाओं को पुलिस विभाग और सत्ता समर्थकों का सहयोग ही सक्रिय रखता है यह चर्चित है ।
पत्तीबाजार मे इस वक्त दो इस्माइल के सट्टा अड्डे चल रहे हैं एक इस्माइल पिता इब्राहीम और दूसरा इस्माइल पिता गेंदा जिसके यहां से 28 जुलाई को 5 सटोरियों को गिरफ्तार किया था ।
दूसरे दिन वही आरोपी फिर सट्टा लिखते नजर आये और अड्डे आबाद । दोनो अड्डो का मुख्य संचालक संवरक्षक अनवर पठान बताया जा रहा है । अनवर इन दिनों गांजा व्यपार का भी मुख्य सरगना कुख्यात है । एक सटोरिया मादक पदार्थ मामले मे दस वर्ष की सजा भी काट चुका है ।हमारे सहयोगी ने सटोरियों को रुपये बांटते,सट्टा लिखते,हाजिर वर्ली खेलते कैमरे मे उतार कर पुलिस और जनता को सट्टा कारोबारियों की सत्यता दिखाने का प्रयास किया है ।
एस पी के निर्देशों और सीएसपी की निरंतर कार्रवाई के बावजूद सटोरियों की सक्रियता और सफलताओं के पीछे खाकी है या खादी यह पता लगाकर वर्दी का डर पैदा करना एस पी डाक्टर शिवदयालसिंह का काम है ।