
बागली – भारतीय जनता पार्टी के तमाम प्रयासों के बाद, बागली जनपद क्षेत्र की सभी जनपद सीट किसी ना किसी प्रकार से कांग्रेस पक्ष में दिखाई दी थी । जैसे तैसे भाजपा के 10 सदस्य जनपद चुनाव जीते कई सदस्यों को भाजपा ने अपना ठप्पा लगाने की कोशिश जरूर की, तथा अन्य जीते हुए सदस्य लोगों को भी लोभ लालच देकर भाजपा के समर्थन में आने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए गए, लेकिन कांग्रेसी विचारधारा के 14 जनपद सदस्य ना झुके ना बीके इन सब को एक सूत्र में लाने के लिए पूर्व जनपद अध्यक्ष एवं कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष रामेश्वर गुर्जर चुनाव परिणाम के बाद से ही सभी को एकजुट करने में प्रयासरत रहे, इसके लिये बार-बार पार्टी की मीटिंग और अध्यक्ष पद के प्रभाव विषय में बताते रहे बीच-बीच में उन्हें भी डर सता रहा था, कि भाजपा खरीद-फरोख्त करने में माहिर है । कुछ जीते हुए सदस्य लोगों को प्रलोभन देने का काम भाजपा के लोग कर रहे थे । लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पाए, आखिरकार कांग्रेस के कद्दावर नेता रामेश्वर गुर्जर और संगठन के लोगों की मेहनत काम आई 27 जुलाई को बागली जनपद सभागृह में जनपद अध्यक्ष के लिए आरक्षित अनुसूचित जनजाति सीट पर पारु बाई नाहर सिंह मुजाल्दे 14 सदस्यों के समर्थन के साथ अध्यक्ष निर्वाचित हो गइ,एवं उपाध्यक्ष के पद पर संगठन के सूत्रधार रामेश्वर गुर्जर बगैर निर्वाचन के उपाध्यक्ष मनोनीत किए गए नवनिर्वाचित नवनिर्वाचित अध्यक्ष ,एवं उपाध्यक्ष ,का विजय जुलूस बागली के प्रमुख मार्गो से निकाला गया कई स्थानों पर शाल श्रीफल पुष्टाहार एवं साफा बांधकर स्वागत किया गया बेहरी फाटे पर भी ग्रामीणों ने विजेताओं का स्वागत किया।
क्या रहे परिणाम
14 सदस्य कांग्रेश के पक्ष मे
9 सदस्य भाजपा के पक्ष में
1 सदस्य का मत निरस्त हुआ
5 मतों के जीत अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी पारु बाई मुजाल्दे अध्यक्ष बनी और रामेश्वर गुर्जर उपाध्यक्ष बने

