देवा । रक्षाबंधन पर्व भारतीय संस्कृति का सुन्दर स्वरुप और श्रेष्ठ संस्कार है…कंचन रिश्तों का पावन आधार है… सावन की अमृतमयी फुहार है…पूर्णिमा की चांदनी का जादुई संसार है और बहन भाई का दिव्य अखण्ड प्यार है ।
2022 का ये रक्षाबंधन कोविड-19 से मुक्त होकर आनंद और खुशियों से यह त्योहार मनाया जा रहा है । बहनों ने अपने भाईयों की कलाईयों पर रेशमी स्नेह बांधकर उनके जीवन मे सुख-समृद्धी ,सफलताओं ,अच्छे स्वास्थ्य और अनंत खुशियों की प्रार्थनाओं के साथ मंगल तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर रिश्तों की मिठास बढ़ाई । भाईयों ने भी स्नेहिल उपहार देकर अपनी लाड़ली बहनों की सेवा और सुरक्षा का संकल्प दोहराया । प्रेम,,विश्वास और पावनता के इस पर्व को भारतीय संस्कृति से प्रेम करने वाले परिवारों ने उत्साहपूर्वक मनाया ।कलमकारों ने भी अपनी कलम को रक्षा सूत्र बांधे और सभी ने अपनी श्रद्धा अनुसार इस पर्व का अभिनंदन किया । देश के साथ देवास और जिले मे भी सावन की लगातार रिमझिम और झमाझम के बीच यह पर्व आनंद और उत्साह के साथ मनाया गया ।समाजसेवी निकिता सूर्यवंशी ने अपने भाईयों के लिए खुद राखियां बनाई । उनका कहना है कि इन रेशमी डोरियों मे शामिल स्नेह अनमोल है ।आपने चीनी राखियों के बहिष्कार का अनुरोध भी सोशल मीडिया के माध्यम से किया ।आर्यव्रत श्रमजीवी पत्रकार संघ के उज्जैन संभागीय अध्यक्ष शाकिर अली दीप ,खुमानसिंह बैस,चन्द्रकांत भोसले,पत्रकार पंडित अजय शर्मा,शहजाद कौसर ने सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए देश,संविधान और अपनी कलम की सुरक्षा मे सक्रिय रहने का अनुरोध भी किया ।

