हजारों किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि का अमृत कुंड जलाशय लबालब हुआ सुनील योगी


देवास – देवास जिले में मध्यम सिंचाई परियोजना में शामिल चंद्र केसर बांध अगस्त माह के दूसरे सप्ताह में पूरी तरह भर जाने से इससे लाभान्वित होने वाले किसान परिवारों के चेहरे खिल गए हैं। ज्ञात रहे देवास जिले की बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में शामिल इस परियोजना से 6200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। लगभग 3200 कृषक परिवार इस अमृत कुंड से लाभान्वित होने के साथ-साथ अपनी जीविका कमाते हैं। मत्स्य पालन भी कई लोगों के लिए रोजगार बना हुआ है। इस बांध से निकली नहरे लगभग 81 किलोमीटर दायरे को कवर करती है। जिस दिन बांध के पूरा भर जाने की खबर आती है । उस दिन सिंचाई विभाग के बागली देवास ऑफिस में मिठाई बांटी जाती है। बागली सबडिवीजन एसडीओ मयंक परमार ने बताया कि वाकई में यह बांध किसानों के लिए अमृत कुंड समान है। जब पूरी तरह भर जाता है , तो समय पर तीन बार नहर छोड़ने में सुविधा हो जाती है । जो किसानों के लिए
अमृतमई रहती है। इस वर्ष अगस्त माह में यह भर जाने की खुशी हम सभी को है।
कैलाश जोशी की अमृत कुंड अध्ययन में शामिल है यह
लोग भले ही जोशी जी के एहसान को भूल जाएं लेकिन यह अमृत जला से जिनमें शामिल चंद्र केसर बांध कुपतालाब , महिगावं, पारस बाधं, उनके प्रयासों के अमृत कुंड है जिससे कई किसान परिवार आज उन्नति की ओर अग्रसर हो गए हैं।
42 वर्ष पूर्व बना बांध आज भी गर्व से सीना ताने हैं
चंद्र केसर बांध के साथ सभी बांध लगभग 1980 से 85 के बीच बनाए गए हैं जो आज भी उस वक्त की तकनीक को बता रहे हैं कि इमानदारी से कितनी मजबूती बनती है।