झाड़ उखाड़ हनुमान एक ऐसा स्थान जहाँ होता है कलयुग में सतयुग का एहसास

खुमान सिंह बेस
देवास / बागली – देवास जिले की उदय नगर तहसील में कातिल मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर एवं जिला मुख्यालय से 118 किलोमीटर दूर महि गांव ग्राम पंचायत में स्थित पवित्र तीर्थ स्थल झाड़ उखाड़ हनुमान क्षेत्र क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र के साथ-साथ दूरदराज के श्रद्धालुओं का भी पसंदीदा स्थल बन रहा है। झाड़ उखाड़ हनुमान मंदिर के पुजारी द्वारा बताया गया कि सन2002 में इस स्थान पर सागवान आछदिंत वंन मे एक संत आए और उन्होंने यहां पर हनुमान मंदिर बनाने की अनुमति मांगते हुए कहा कि यह स्थान हनुमान जी का है यहां वह चेतन अवस्था में आते रहते हैं। लेकिन वन विभाग द्वारा वन अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि जंगल में मंदिर बनाना संभव नहीं है यहां पर प्रकृति और पेड़ों को नुकसान होता है इसलिए इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। फिर ऐसा कुछ चमत्कार हुआ कि लगने लगा कलयुग में भी हनुमान जी की उपस्थिति है। सिर्फ यहां पर ऐसा कुछ हुआ कि जहां मंदिर निर्माण का स्थान सुनिश्चित था उसके आसपास के कई पेड़ जड़ से उखड़ गए। लोगों का कहना था। कि यह कलयुग में सतयुग का एहसास हनुमान जी द्वारा दिखाया गया। और इस स्थान पर हनुमान जी की स्थापना की गई। वर्तमान समय में आसपास की प्रकृति को सुरक्षित रखते हुए यहां पर वर्ष भर धार्मिक आयोजन होते रहते हैं और श्रद्धालु दूरदराज से आकर हनुमान प्रतिमा के दिव्य दर्शन करते हैं । बागली क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार सुनील योगी एवं देवास जिले के वरिष्ठ पत्रकार शाकिर अली दीप ने बताया कि उस वक्त अपने आप जड़ सहित उखड़े हुए विशालकाय वृक्षों की जड़ आज भी मंदिर परकोटे में सुरक्षित रूप से श्रद्धालु दर्शन के लिए रखी हुई है जिन पर राम नाम लिख दिया गया है। वही क्षेत्र के पंडित हरक चंद शर्मा ने बताया कि हवा आंधी चलती है। तो पेड़ों की दाल टूटती है या कुछ पेड़ उखड़ जाते हैं लेकिन यहां लाइन से मजबूत पेड़ उखड़ ना वह भी जड़ सहित यह हनुमान जी का चमत्कार ही है। लोगों की श्रद्धा और क्षेत्र के ग्रामीणों की धार्मिकता के चलते यहां पर अब पिकनिक इस साल जैसा प्रतीत होता है सड़क मार्ग से इंदौर धार उज्जैन महू से श्रद्धालु यहां पर आते हैं। नजदीक में ही राजनीतिक संत कैलाश जोशी की इक्षा शक्ति का प्रतीक क्षेत्र के कृषक उत्थान में सहायक महि गांव अमृत जलाशय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है ।