एक करोड़ पौधे लगाने के संकल्प की शक्ति और सकारात्मक व्यवहार पंचतत्व फाउण्डेशन की शिप्रा पाठक की सफलताओं का आधार (मैया नर्मदा की कृपा से जनसहयोग भी कर रहा विस्तार)

शाकिर अली/खुमानसिंह बैस

देवास । आपको अपनी भारतीय संस्कृति और प्रकृति से प्यार है… मैया नर्मदा मे श्रद्धा और विश्वास अपार है… आपका पंचतत्व फाउण्डेशन पर्यावरण और जल सुरक्षा जागृति का आधार है… फूलों सा सुन्दर और सुगंधित आपका व्यवहार है… वाणी मे चमत्कार और प्रेरणा की रस-धार है… आपका व्यक्तित्व वनदेवी और जलदेवी मे साकार है… प्रकृति ,पर्वत और नदियों की सेवा सुरक्षा का श्रेष्ठ संंकल्प आपकी सफलताओं का विस्तार है…आपके पवित्र प्रयासों से नदी,तालाबों के तट और पहाड़ियों का हरियाली की रेशमी चादर से श्रृंगार है…
अपने नाम पवित्र नदी को प्रमाणित करती सरल,शिप्रा पाठक जी का एक करोड़ पौधे लगवाकर पेड़ बनाने ,पवित्र नदियों को प्रदुषण मुक्त बनाने ,पर्यावरण सुरक्षा और सेवा के प्रति जनजागृति लाने,शहर- शहर नक्षत्र वाटिका लगाने का संकल्प जनसहयोग की शक्ति से आकार ले रहा है । मां चामुण्डा कि नगरी ,मैया नर्मदा और पवित्र क्षिप्रा सहित अनेक नदियों के आशिर्वाद रुपी समृद्धि के वरदानों से भरपूर देवास मे शिप्रा पाठक जी ने तीन दिवस मे पर्यावरण के प्रति जनजागृति ,पौधारोपण का कीर्तिमान बनाया है ।क्षिप्रा नदी बचाओ समिति के आमंत्रण पर देवास पधारीं शिप्रा पाठक जी से यादगार,प्रभावित और प्रेरित करने वाली मुलाकात मे पता चला कि शिप्रा पाठक पर्यावरण और नदियों के संरक्षण के लिए विगत 10 वर्षों से कार्य कर रही हैं। आपके द्वारा 3600 किलोमीटर मां नर्मदा नदी की पैदल परिक्रमा 108 दिन में पूर्ण की गई। इसके बाद भी मानसरोवर परिक्रमा, क्षिप्रा परिक्रमा, रामप्रिय सरयू की पदयात्रा और ब्रज चौरासी कोस की पदयात्रा कर पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण का अलख जगा रही हैं। शिप्रा पाठक जी की मां नर्मदा में विशेष आस्था है क्योंकि मां नर्मदा नदी ही विश्व की ऐसी नदी है जो की विपरीत दिशा में बहकर विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा देती है। शिप्रा पाठक के पर्यावरण सेवा,सुरक्षा कार्यों की मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भी सराहना की जा चुकी है और आप मुख्यमंत्री के साथ भी पौधा रोपण में सहभागिता कर चुकी हैं। पंचतत्व फाउंडेशन के मध्यप्रदेश में प्रसार के साथ बड़ी संख्या में नदियों के तट पर पौधारोपण और बीजारोपण का कार्य भी जारी है। पर्यावरण की सुरक्षा और जनजागृति के लिए आपके पवित्र प्रयासों सहित निरंतर सक्रियता के परिणाम भी सकारात्मक सफलताओं के रुप मे मिल रहे हैं । शिप्रा पाठक जी ने क्षिप्रा नदी बचाओ समिति के राजेश बराना,सैयद सादिक अली,शिक्षक अजयसिंह देवड़ा ,सलीम सर और उनकी टीम सहित मीडिया के समर्थित सहयोग की भी जमकर प्रशंसा की । आपने देवास की यात्रा, क्षिप्रा तट पर और शंकरगढ़ पहाड़ी पर पौधारोपण को यादगार बताया । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान,राज्यपाल महोदय सहित श्रेष्ठ संतो से अपने पवित्र उद्देश्य,संकल्प सांझा कर प्रशंसा और आशीष पाने वाली शिप्रा पाठक जी प्रकृति को पढ़ती हैं,संवाद करती हैं,अपने और अपनो के जीवन मे ताज़गी भरती हैं और नदी की तरह सुख-समृद्धी बांटते हुए आगे बढ़ती हैं । समाजसेवी निकिता सूर्यवंशी ,शिक्षिका पुष्पलता मालवीय,नीतु जाधव और रानीसिंह ने शिप्रा पाठक जी से प्रेरणा लेकर पर्यावरण सेवा ,सुरक्षा और पंचतत्व फाउण्डेशन के पवित्र अभियान मे सहयोग की अपील जनता से की है । शिप्रा पाठक जी ने अपने संदेश मे कहा है कि आने पीढ़ियों की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य के लिए नदियों की स्वच्छता और पर्यावरण की सुरक्षा ही हमारा लक्ष्य है । सेवा और परमार्थ का यह पवित्र प्रवाह जारी रहेगा निःसंदेह ।