बीते 23 वर्षों में 5000 से अधिक अस्थमा रोगी स्वास्थ्य लाभ ले चुके हैं


सुनील योगी
बागली – बागली नगर के मध्य स्थित पंडित जीवन लाल अग्निहोत्री प्राच्य विद्या समिति बागली संस्थान मुख्यालय पर अस्थमा रोगियों के लिए निशुल्क दुग्ध औषधि वितरण आयोजन प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी रखा गया है। यह परोपकारी कार्य ब्रह्मलीन पंडित रामाधार जी द्विवेदी के मार्गदर्शन में 1998 से संचालित है। वर्तमान में पंडित कनिष्क द्विवेदी परंपरा का निर्वहन करने में लगे हुए हैं । इस वर्ष 24वा वर्ष है ,पंडित कनिष्क द्विवेदी ने भगवती टाइम्स को बताया कि 60 लीटर गो दूध मे यह औषधि तैयार की जाती है। यह दूध पूर्णतह औषधि युक्त होता है। इसे सामान्य जन को नहीं दिया जाता। अन्य लोगों के लिए लगभग 240 लीटर दूध फल फ्रूट मेवा मिष्ठान युक्त रहता है। औषधीय युक्त दूध की औषधि 2 दिन पूर्व जिस वृक्ष या जिस पौधे से ली जाती है । उसे विधिवत आमंत्रित किया जाता है । उसके बाद ही औषधि ली जाती है। प्रतिवर्ष 500 से अधिक अस्थमा रोगी अपना नाम रजिस्ट्रेशन कर आते हैं और दुग्ध पान कर रोग से लाभ लेकर जाते हैं। और रोग निराकरण के विषय में द्विवेदी ने बताया कि यह रोगी की मना स्थिति पर निर्भर करता है किसी किसी रोगी को एक बार दूध पीने से ही आराम लग जाता है अधिकतर रोगी 3 से 4 वर्ष तक औषधि युक्त दूध सेवन करते हैं तो उन्हें पूर्ण आराम मिलता है अभी तक लगभग 50000 लोगों को अस्थमा रोग से मुक्ति मिल चुकी है। यह उस दी समिति के सदस्य डॉ सुनील उपाध्याय के मार्गदर्शन में आश्रम में ही बनाई जाती है, चंद्रमा की आभामंडल किरणें जिस स्थान पर गिरती है । वहीं पर दूध को गर्म (उबाला)किया जाता है। रात्रि 11 बजे दूध वितरण कार्यक्रम शुरू किया जाता है। यह क्रम एक एक डेढ़ घंटे तक चलता रहता है। दूर-दूर से रोगी लाभ लेने के लिए यहां पर आते हैं। समिति के अन्य सदस्य पंडित राकेश नागौरी ने बताया कि यह औषधि युक्त दूध गाय के दूध में ही बनाई जाती है। कुछ अस्थमा रोगियों से भी चर्चा की उन्होंने बताया यहां दूध पीने से उन्हें आराम लगा है।