संसार की सभी नदियों में नर्मदा सर्वश्रेष्ठ है जिसका पुराण और परिक्रमा होती है – वंदना श्री


देवास । नर्मदा  सरिता वरा- नर्मदा  संसार की श्रेष्ठतम नदियों से भी श्रेष्ठ हे नदी है जिसकी श्रेष्ठता का बखान स्वयं भगवान शिव ने किया है और अपनी पुत्री बनाया है। जिसके उद्गम से लेकर सागर तक  बहने वाले प्रवाह के तट पर  60 करोड़ 60 हजार तीर्थस्थल विराजित है।नर्मदा हर कंकर शंकर है जिसे नर्मदेश्वर कहा जाता जिनकी प्राणप्रतिष्ठा करने की आवश्यकता नही पड़ती है।
करोड़ों ऋषि मुनियों ने जिसके तट पर बैठ कर सिद्धि प्राप्त की है।   संसार में भगवान सत्यनारायण की कथा में इतिश्री रेवा खंडे का वर्णन आता है । प्रभु की किसी और कथा में  इस तरह का वर्णन नही है।  16 वर्षीय  शिव के परम भक्त मार्कण्डेय की  निर्धारित आयु थी  जब यम उन्हे लेने आए तब भगवान महाकाल ने मार्कण्डे को काल से मुक्त कर चिरंजीव होने का वरदान दिया । ऋषि मार्कण्डे ने नर्मदा के तट पर घोर तपस्या की और नर्मदा पुराण लिखी । जिसने  अपने जीवन में नर्मदा की परिक्रमा की उसे सभी तीर्थों का पुण्य प्राप्त होता है।  संसार में  नर्मदा एक मात्र ऐसी पुण्य सलिला है जिस पर पुराण लिखा गया है और जिसकी परिक्रमा होती है। यह आध्यात्मिक विचार कैला देवी मंदिर में चैत्र नवरात्रि महोत्सव में एक दिवसीय नर्मदा पुराण कथा का तथ्यात्मक, भावात्मक एवं दृश्यात्मक  वर्णन करते हुए ब्रज रत्न वंदना श्री ने व्यक्त किए। आपके तीन घंटे में नर्मदा पुराण का सुंदर वर्णन कर मां नर्मदा के आध्यात्मिक, पर्यावरणिक, वैज्ञानिक,  रहस्यों का चित्रण किया।
सुना है तु कंवारी है फिर भी हम मां कह रहे है ,,,
मां नर्मदा पर राष्ट्रीय कवि देवकृष्ण व्यास ने कविता सुनाई तो सारा पंडाल मंत्रमुग्ध हो गया ।
 नंदना श्री एवं ब्रज के कलाकारों का कैला देवी मंदिर उत्सव समिति ने सम्मान पत्र तथा मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया ।
धर्मनिष्ठ मन्नूलाल गर्ग का हुआ नागरिक अभिनंदन
मां कैला देवी पर अपार आस्था के आगे प्रतिकूल परिस्थिति भी नगण्य है। मां की ही इच्छा को  सर्वोपरि मान कर चैत्र नवरात्रि पर मां कैला मैया के वैदिक एवं परंपरागत अनुष्ठान तथा उत्सव को आम भक्तो की आस्था का मान रखते हुए  यथावत रखा। अस्वथ होते हुए भी उत्साह बरकरार रखने वाले ,देवास में बड़े बड़े संत, महापुरुष , आध्यात्मिक वक्ता को आपने बुलाकर देवास की जनता को उनकी कृपा का पात्र बनाया देवास में टेकरी पर स्वयं भू दोनो  माता जी के सिद्ध पीठ के देवास की जमीं पर आपने मां कैला का सिद्ध पीठ स्थापित कर इसे तीर्थ का स्वरूप प्रदान करने पर देवास नगर की ओर से शहर के प्रबुद्धजन विमल भूषण गुप्ता, ओ पी तापडिय़ा, प्रहलाद अग्रवाल, रायसिंह सेंधव,पूर्व महापोर रेखा वर्मा,शंकर सिंह कुशवाह, विक्की गोयल, रामेश्वर पटेल , देवकृष्ण व्यास, चेतन उपाध्याय, रमण शर्मा ,अजब सिंह ठाकुर राजेंद्र सिंह पंजाबी, माखन सिंह राजपूत, मोहन श्रीवास्तव, आदि ने मंदिर के संस्थापक मन्नूलाल गर्ग का
मेगा हार, शाल श्री फल एवं सम्मान पत्र भेट कर नागरिक अभिनंदन किया।
 इस अवसर पर दीपक गर्ग ट्रस्ट अध्यक्ष योगेश बंसल, हरीश गोयल,हितेश गर्ग, विनोद महाजन , महेश अग्रवाल  सहित गर्ग परिवार एवं बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित थे ।
कार्यक्रम का संचालन चेतन उपाध्याय ने किया तथा आभार जयेस गर्ग में व्यक्त कि