सेना कमांडर व्योमीका सिंह एवं सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी देश के लिए घातक हर जगह हो रही है निंदा


बागली। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की ब्रीफिंग न्यूज़ देने के लिए भारत सरकार ने सैन्य कमांडर व्योमीका सिंह एवं सोफिया कुरैशी को जिम्मेदारी सोफी मामला भारत की बेटियों के सुहाग से संबंधित था इसलिए आतंकवादियों को नेस्तनाबूद करने के लिए सैन्य कमांन ब्रीफिंग के लिए दो महिला अधिकारियों को चुना गया समय-समय पर उन्होंने पाकिस्तान पर हुई भारतीय सेन्य कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से पूरे देश ने ऑपरेशन सिंदूर को सराहते हुए कहा कि हमारे देश की बेटियां भी किसी से कम नहीं है। हाल ही में मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता विजय शाह द्वारा मानपुर की एक सभा में सोफिया कुरैशी के विषय में गलत बयान बाजी की है दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने सैन्य कमांडर व्योमीका सिंह के विषय में जातिगत टिप्पणी करते हुए पूरे देश की रक्षा एवं सुरक्षा पर सवाल उठाए दोनों नेताओं के बयान घोर निंदनीय है। प्रेस क्लब का वर्किंग जर्नलिस्ट संगठन की राष्ट्रीय बैठक में दोनों नेताओं के खिलाफ निंदा प्रस्ताव जारी करते हुए महा मुहिम राष्ट्रपति ज्योति मुर्मू से इन दोनों नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। प्रेस क्लब संगठन से जुड़े राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर खालिद कैस राष्ट्रीय महासचिव शशि दीप एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के राष्ट्रीय सचिव सुनील योगी सेयद रिजवान अली, सहित सभी सदस्यों ने इस घटना पर निंदा प्रस्ताव जारी करते हुए कहा कि भविष्य में कोई भी राजनेता या अन्य जवाबदार लोग सी पर टिप्पणी करते पाए गए तो उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए और यह मुकदमा ऐसा दर्ज होना चाहिए जिनकी जमानत कम से कम 6 महीने तक नहीं हो। सेना का मनोबल गिराना और व्यक्तिगत टीका टिप्पणी करना देशद्रोह श्रेणी में आता है इसलिए न्यायालय के आदेश के बगैर स्थानीय थाने और जिला पुलिस मुख्यालयपर स्वयं विवेक संज्ञान से ऐसे मामलों में एफ आई आर दर्ज होना चाहिए।