देवास के बागली स्थितआदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ग्राम पलासी में शासन द्वारा गरीब लड़कियों के उच्च रहन-सहन और शैक्षणिक व्यवस्था के लिए आदिवासी कन्या आश्रम संचालित किया जा रहा है। कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक 55 छात्राओं का शैक्षणिक स्तर सुधारने के लिए शासन द्वारा हॉस्टल अधीक्षक सहित तीन अन्य शिक्षकों की व्यवस्था की है। जिसमें दो पुरुष शिक्षक एवं एक महिला शिक्षिका अवकाश वाले दिन छोड़कर प्रतिदिन हॉस्टल में निवासरत छात्राओं को पढ़ाने के लिए आते हैं। लेकिन अधिकतर समय यहां पर पदस्थ हॉस्टल अधीक्षक शाम के समय अपने निवास स्थान बागली चली जाती है। जबकि कार्यालय आयुक्त जनजाति कार्य मध्य प्रदेश द्वारा 13 फरवरी 2025 को लिखित आदेश जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि छात्रावास एवं आश्रम परिसर में अधीक्षक का रहना अनिवार्य है ।अतः शासन स्तर पर लिए गए निर्णय अनुसार यह सुनिश्चित किया जाए कि विभाग संचालित प्रत्येक छात्रावास में अधीक्षक स्वयं निवास करेंगे और छात्रावास में रात्रि विश्राम भी अधीक्षकों द्वारा किया जाना अनिवार्य है ।जो अधीक्षक छात्रावास में निवास और रात्रि विश्राम नहीं करते उन्हें अधीक्षक पद के दायित्व से तत्काल मुक्त कर छात्रावास में योग्य अधीक्षक की पदस्थापना करने के निर्देश हैं। शनिवार को घटी घटना में इस अनियमितता की पोल खुल गई मामला यूं हुआ शनिवार रात 10 बजे हॉस्टल मैं अध्यनरत और निवासरत छोटी बच्चियों जोर-जोर से रोने और चिल्लाने लगी जिसकी पुष्टि हॉस्टल के सामने रहने वाले परिजनों ने भी की है। कुछ देर चिल्लाने के बाद राह चलने वाले लोग रुक कर देखने लगे आखिर क्या हो गया है। किसी ने मोबाइल पर देवास अधिकारी को शिकायत की देवास अधिकारी ने नोडल अधिकारी बागली को इस मामले की जानकारी दी नोडल अधिकारी ने रात्रि में ही वहीं पर निवासरत शिक्षक को मोबाइल लगाकर कहा कि हॉस्टल में जाकर देख कर आओ उक्त शिक्षक हॉस्टल में पहुंचे और उन्होंने बच्चों को समझाया प्रत्यक्ष दर्शनों ने बताया कि उसे वक्त भी हॉस्टल अधीक्षक हॉस्टल में नहीं थी ।लेकिन हॉस्टल में रात्रि चौकीदारी करने वाली एवं विश्राम करने वाली महिला कर्मचारी जरूर उपस्थित रही। हालांकि बात को लीपा पोती कर दबा दिया गया हकीकत यह है ।कि उस वक्त महिला कर्मचारी भी नहीं थी। और हॉस्टल अधीक्षक भी हॉस्टल में उपस्थित नहीं थी और छोटी-छोटी बच्चियों किसी कारणवश डर गई थी और चिल्लाने लगी थी। जिसके शिकायत स्थानीय रवासियों ने उच्च अधिकारियों से रात्रि में ही कर दी।

