पत्नी के सहयोग से प्रेमी और साथियों ने पति की हत्या कर शव जलाया (औद्योगिक क्षेत्र पुलिस को मिलि सफलता)

देवास(खुमान सिंह बैंस) एस पी डाक्टर शिवदयालसिंह ने अपने वादे और दावे को वास्तविकता मे बदलना शुरु कर दिया है ।एस पी वर्दी की शक्ति दिखाएंगे और विश्वसनीयता बढ़ाएंगे यह स्पष्ट हो रहा है ।

हत्या के खुलासे वाली पत्रकारवार्ता मे एस पी डाक्टर शिवदयालसिंह ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि अवैध कारोबारियों ,अपराधियों पर नकेल लगाई जाएगी । वर्दी और पद का दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई करेंगे वहीं वर्दी का मान बढ़ाने वालों को सम्मानित किया जाएगा ।
दिनांक 12.6.20 को थाना औ.क्षेत्र देवास में सूचनाकर्ता छाया पति भगवान सिंह ने अपने पति भगवान सिंह के साथ आपसी पारिवारिक विवाद के कारण दिनांक 11.6.2020 को घर से चले जाने की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिस पर थाना औ.क्षेत्र देवास पर गुमशुदगी दर्ज की जाकर जांच प्रारंभ की गई ।
तहकीकात मे पाया गया कि भगवानसिंह ग्राम सिलाखेड़ी भाटोनी थाना कायथा जिला उज्जैन का रहने वाला है ।
इसकी शादी वर्ष 2013 में छायाबाई से हुई थी । शादी के बाद ग्राम सिलाखेडी भाटोनी के जमीन और अपने मकान को 8 लाख रूपये बेचकर देवास आ गया था । भगवानसिंह ने चार लाख रूपये मे आडी पट्टी मल्हार में मकान खरीदा था और रूची सोया कम्पनी में नौकरी कर रहा था । इसके दो बच्चे एक 4 वर्ष तथा 1.5 साल का था ।

इसी दौरान सूचनाकर्ता भगवान सिंह की पत्नि छाया की दोस्ती लखन पिता बहादुर आडी पट्टी वाले से हो गई और अवैध संबंध भी स्थापित हो गये । भगवान सिंह के बैंक मे रखे 2 लाख रूपये के लालच में दोनों ने भगवान सिंह हो रास्ते से हटाने का सौदा किया ।
दिनांक 11.6.20 को भगवान सिंह घर पर सो रहा था कि रात्रि में छायाबाई ने लखन को फोन कर बुलाया और 10 हजार रूपये भी इसके लिए दिये थे । रात्रि करीब 1 बजे लखन अपने साथी अकील उर्फ अक्कु निवासी सिल्वर पार्क कालोनी आडी देवास तथा शानू निवासी मस्जिद के पास सिल्वर पार्क कालोनी आडी पट्टी देवास के साथ मिलकर भगवान सिंह के घर पहुंचकर, दोनों साथियों को 5 हजार रूपये इस कार्य हेतु देकर प्लानिंग कर छायाबाई ने इस कार्य में अपने भतीजे संतोष उर्फ निखिल पिता राधेश्याम निवासी आडी पट्टी मल्हार देवास को भी शामिल कर लिया ।
पांचो ने मिलकर सोते हुए भगवान सिंह को मार दिया। शानू ने लट्ठ से छाया ने धारदार हथियार से तथा निखिल ने तकिये से मुंह दबाकर मार डाला ।
भगवान सिंह को मारने के बाद उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए छाया की
टीवीएस एक्सल से निखिल , लखन और अक्कु ने लाश को बोरे में भरकर ग्राम शंकरगढ पहाड़ी के पास ( एबी रोड बायपास ) पुलिया के पाईप में फेंककर आ गये ।
छायाबाई और निखिल ने मिलकर घर में खून से सने कमरे की सफाई कर कपड़ों को रात में ही जला दिया ।

घटना के 5-6 दिन बाद अकिल और अक्कु ने शंकरगढ के पास पुलिया के नीचे भगवान सिंह की लाश पर पेट्रोल डालकर लाश को सबूत मिटाने की नियत से जला दिया । इस जघन्य हत्याकांड में पैसे का लालच एवं दीवानगी ने भगवान सिंह की हत्या कर लाश को ठिकाने लगाकर साक्ष्य मिटाने का कार्य पांचो आरोपियों द्वारा किया गया ।
आरोपियों को धारा 302,201,120 – बी , 34 भादवि में गिरफ्तार किया जाकर विवेचना की जा रही हैं ।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

आरोपियों की धरपकड़ करने में थाना प्रभारी औ.क्षेत्र निरीक्षक अनिल शर्मा , उनि आर.के. शर्मा, सउनि के.के. परमार, म.आर. 140 नेहा सिंह ठाकुर , आरक्षक 452 रूपेश, आरक्षक 386 जितेन्द्र ,आरक्षक 770 शिवप्रताप सिंह सेंगर, आरक्षक 13 संतोष रावत, प्र.आर. चालक 144 जितेन्द्र व्यास की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
एस पी डाक्टर शिवदयालसिंह ने एक सवाल के जवाब मे कहा कि कोई क्राइम ब्रांच और सी आय डी विभाग नहीं पुलिस वर्दी मे डंके की चोट पर कार्रवाई करेगी । आप सूचना दीजिए और दिलवाइये ।

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