चिटफंड कंपनी संचालकों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही कंपनी से हितग्राहियों के 32 लाख 50 हजार रूपये न्यायालय में जमा कराए गए

देवास। मप्र शासन एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चिटफण्ड कंपनियो के विरूद्ध चलाये जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत थाना बरोठा पर फरियादी कमल मण्डलोई ने लिखित आवेदन प्रस्तुत कर चिटफण्ड कम्पनी मेगामाईण्ड ट्रेकर कन्सलटेंशी शापटैक सर्विसेस इन्दौर के मालीक सचिन सिसौदिया निवासी सनावद, रीमा सिसौदिया निवासी सनावद, शैलेन्द्र निवासी उज्जैन, नीलम उपाध्याय निवासी उज्जैन, कंपनी के चेयरमैन मनोज देवाड़ा निवासी झोकर, अनिल जैन निवासी इन्दौर, रोमित शाह बेडिया, संदीप मलीक झाबुआ, निपु कुमार राय, राजे चौहान महु द्वारा एनएनटीसीएस कंपनी का निर्माण कर लोगो को प्रलोभन देकर एक से डेढ़ करोड़ रुपये धोखाधड़ी से लेकर फरार हो गये थे।
आवेदको के आवेदन पत्र पर से थाना बरोठा पर अपराध क्रमांक 473/2019 धारा 420, 506, 120-बी, 34 भादवि 6 मप्र निक्षेपको के हितो का संरक्षण अधिनियम 2000 का कायम कर एमसीटीसी कंपनी के मालिक शैलेन्द्र उपाध्याय, एवं सचिन सिसोदिया व कंपनी के प्रबंधक अनिल जैन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। आरोपियों के विरूद्ध सशक्त अनुसंधान कर सक्षम साक्ष्य अनुसार न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। आरोपीगणो द्वारा जमानत आवेदन न्यायालयों मे प्रस्तुत किये गये जो पुलिस द्वारा अभियोजन के माध्यम से कड़ा विरोध कर समक्ष न्यायालय से उच्च न्यायालय तक जमानत आवेदन निरस्त कराये। अंतत: पुलिस की कड़ी कार्यवाही से भयभीत होकर उच्च न्यायालय के आंकलन अनुसार 65 लाख रूपये की राशि हितग्राहीयों के पक्ष में राशि निर्धारित कि गई उसमें से 50 प्रतिशत राशि 32,50,000/- रूपये तत्काल जमा कराये गये शेष 50 प्रतिशत राशि के लिए समय चाहा गया है। पुलिस द्वारा अभियोजन के माध्यम से चिटफण्ड कम्पनियो के विरूद्ध चालाई जा रही मुहिम के अन्तर्गत हितग्राहियो को उपरोक्त चिटफण्ड कम्पनी से राशि 32,50,000/- रूपये वापस कराने में सफलता अर्जित की है।
इनका रहा सराहनीय कार्य
उक्त सराहनीय कार्य में उप संचालक अभियोजन अजयसिंह भंवर, थाना बरोठा प्रभारी निरीक्षक अविनाश सिंह सेंगर, थाना उनि पतिराम डाबरे, उनि प्रदीप राय, प्र.आर. 625 लाखनसिंह, आरक्षक 756 संतोष कुमार, आरक्षक 772 आशिष , योगदान रहा।