बागली। देवास जिले के अंतिम छोर एवं खंडवा जिले के अंतिम छोर के मध्य स्थित प्राचीन देवी स्थान जयंती माता मंदिर परिसर में। वैशाख माह की सप्तमी तिथि रविवार में बड़ी संख्या में आकर माता के दरबार में पूजा अर्चना की इस दौरान नव वर वधू छोटे बच्चे और अन्य मुंडन संस्कार मंदिर परिसर में संपन्न हुए। 50 से अधिक परिवार बड़े-बड़े वाहनों में बैठकर जयंती माता मंदिर दर्शन करने आए इस दौरान अधिकतर स्थानों पर मान कार्यक्रम के साथ-साथ भोजन बनाने का कार्य चलता रहा पिपरी निवासियों के अनुसार 1000 से अधिक श्रद्धालु जयंती माता मंदिर पर दर्शन लाभ लेने पहुंचे वहीं सतवास क्षेत्र के लोगों ने भी बताया कि खंडवा क्षेत्र सहित सतवास कांटाफोड़ के आसपास के कई गांव के लोग जयंती माता मंदिर परिसर में पहुंचे इस दौरान मेला परिसर में 20 से अधिक बड़ी दुकान और 30 से अधिक छोटी दुकान आने से मिला जैसा प्रतीत होने लगा। श्रद्धा लोन खारी नदी में और कनेरी नदी में बड़ी मात्रा में स्नान किया इस दौरान अकेले भैरव मंदिर पर बड़ी संख्या में नारियल और अन्य प्रसादी चढ़ाई गई। देवास से आए श्रद्धालु खुमान सिंह बेस ने बताया कि वह परिवार सहित यहां पर आए हैं और यहां आकर उन्हें किसी बड़े पर्यटन स्थल जैसा प्रतीत हो रहा है साथ ही शासन से मांग की की देवास जिले के अंतिम छोर बावड़ी खेड़ा से जयंती माता मंदिर के बीच की दूरी 5 किलोमीटर है जो बेहद खराब है उसे यदि सीमेंट कारण करते हुए या प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत शामिल करते हुए सड़क निर्माण करवा दिया जाए तो श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा होगी और क्षेत्र का व्यापार व्यवसाय भी बढ़ेगा। जयंती माता के दूसरे छोर से आए श्रद्धालु राहुल राठौर एवं दीपांशु योगी ने बताया कि वह भी परिवार सहित आए हैं लेकिन पामा खेड़ी से जयंती माता मंदिर तक 15 किलोमीटर का मार्ग कच्चा होने की वजह से परेशानी आती है यदि यह मार्ग पक्का बन जाए तो इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में श्रद्धालु मंदिर दर्शन करने पहुंचेंगे इससे व्यापार व्यवसाय बढ़ेगा। वन विभाग द्वारा खारी नदी पर लकड़ी का पुल बनाया है जिसकी वजह से बागली विकासखंड एवं देवास जिले से जाने वाले श्रद्धालुओं को बहुत राहत मिल रही है। जानकारी में आया है कि यहां पर पक्का कल निर्माण बनाने की राशि स्वीकृत हो चुकी है ।लेकिन मामला कहीं अटक गया है।

